फर्जी कॉल सेंटर खोलकर करोड़ों की ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार
गाजियाबाद। बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलवाने एवं कॉल सेंटर के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को साइबर सेल और नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्त में आए शातिर देश-विदेश में नौकरी लगवाने का लालच देकर लोगों के साथ ठगी करते थे। इनके पास से पुलिस ने 15 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल, 3 सिम, दो लैपटॉप, एक इंटरनेट डोंगल, तीन आधार कार्ड, दो वोटर आईडी कार्ड, एक पैन कार्ड और दो चेक बरामद किए हैं।
क्षेत्राधिकारी साइबर अपराध अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि तमिलनाडु के रहने वाले पीड़ित गोविंद राज ने एसएसपी के यहां शिकायत की थी कि विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर फरवरी 2020 में 13 लाख की ठगी हुई थी। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी ने जांच साइबर क्राइम सेल को सौंपी थी। जांच में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा होने पर टीम ने शहर कोतवाली पुलिस को साथ लेकर मुखबिर की सूचना पर शनिवार रात रेलवे स्टेशन रोड से तीन ठगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि ठगों के नाम अमित पाल और अभिषेक महतो निवासी मुरादनगर और अरविंद कुमार राठौर निवासी दौलतपुरा भाटिया मोड़ थाना सिहानी गेट है। पूछताछ में ठाकुर ने बताया कि हम लोग कॉल सेंटर कंपनियों के पुराने कर्मचारियों से एवं इंटरनेट से डाटा लेकर लोगों को कॉल कर देश विदेश में बड़े पदों पर नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगते थे और ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में डलवाकर कैश निकाल लेते थे। रकम मिलने पर जिस नंबर से कॉल करते थे। उस सिम कार्ड को तोड़ कर फेंक देते थे। कॉल सेंटर का मालिक अमित पाल है, जो डाटा उपलब्ध कराता था। बताया कि अब तक हम बहुत से लोगों से इसी तरीके से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।
- सैकड़ों लोगों को बना हुए हैं ठगी का शिकार
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि अभी तक आरोपी कॉल सेंटर एवं देश विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर 200 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। आरोपियों को खुद पता नहीं है कि वह अब तक कितने लोगों को शिकार बना चुके हैं। उनका कहना है कि उनके बैंक खाते की डिटेल के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है। हो सकता है इससे अधिक लोगों के साथ भी ठगी की गई हो।
- तीन करोड़ से अधिक रुपये ठग चुके हैं अब तक
पुलिस ने बताया कि आरोपी अब तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। कई खातों में रुपये मंगाते थे। इस खेल में शामिल अन्य लोगों के खाते और इससे जुड़े लोगों का पुलिस पता लगा रही है। पुलिस का मानना है कि यह बड़ा गिरोह है। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है कि गाजियाबाद के अलावा अन्य जिलों में तो इस गिरोह से जुड़े हुए लोग नहीं हैं।
- लॉकडाउन में बेरोजगारों को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लॉक डाउन में सबसे ज्यादा लोगों को निशाना बनाया। क्योंकि अधिकतर लोगों की नौकरी छूट गई थी। वह नौकरी के चक्कर में भटक रहे थे। किसी न किसी माध्यम से यह ऐसे लोगों से संपर्क कर उनसे ठगी कर रहे थे। नौकरी दिलवाने के नाम पर लोग कर्ज लेकर पैसे जमा कर रहे थे। शातिर होने के कारण यह आसानी से पकड़ में भी नहीं आए। पुलिस ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान ही इन्होंने काफी मोटी रकम वसूली है। विभिन्न बिंदुओं पर आरोपियों से पूछताछ की गई है। अन्य तथ्यों पर भी जांच जारी है। कुछ लोगों से संपर्क किया जा रहा है, जिससे अन्य फर्जीवाड़ा होने वाले लोगों के बारे में पता चल सके।