कौवों की अचानक मौत, अलर्ट
गाजियाबाद। बर्ड फ्लू संक्रमण के बीच अचानक कौवों की मौत के बाद गाजियाबाद में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। प्रशासन के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक जांच के लिए कोई सैंपल नहीं लिया गया है लेकिन सूचना पर पशुपालन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
मामला नेशनल हाईवे -9 से सटी वेवसिटी का है, जहां धरना दे रहे किसानों ने पेड़ से मरे हुए कौवों को गिरते देखा। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई। उधर, डीएम अजय शंकर पांडेय ने पशुपालन व वन विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
एनएच-9 से सटी वेवसिटी में लंबे समय से किसान एक पेड़ के नीचे बैठकर धरना दे रहे हैं। किसान हरीश यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को किसान खेत में बुआई कर रहे थे तभी ऊपर से कुछ कौवे गिरे। उनके पास जाकर देखा तो तीन की मौत हो गई थी। किसानों ने उन्हें मिट्टी में दबा दिया। वेवसिटी द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन पर किसानों द्वारा बुआई किए जाने की सूचना पर एसडीएम डीपी सिंह, जीडीए ओएसडी व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तो किसानों ने उन्हें कौवों की मौत की जानकारी दी। अधिकारियों ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद मामले में जांच शुरू की गई है।
टर्की पक्षी के मरने की सूचना, नहीं था बर्ड फ्लू
मुरादनगर के कन्नौजा निवासी प्रवीण कुमार त्यागी के फॉर्म हाउस में टर्की पक्षी की मौत के मामले में पशुपालन विभाग का कहना है कि मौत बर्ड फ्लू के चलते नहीं हुई है। पशुपालन विभाग ने जानकारी दी है कि सूचना पर टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था। जांच में पता चला है कि बर्ड फ्लू नहीं बल्कि अन्य कारणों से पक्षियों की मौत हुई। मौके पर पाया कि कमजोरी और खान-पान की अनियमितता की वजह से उन पक्षियों की मौत हुई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश कुमार ने बताया कि उनकी निगरानी चल रही है और वहां सभी अन्य पक्षी स्वस्थ हैं। फार्म हाउस के मालिक को पशु चिकित्सा अधिकारियों ने बर्ड फ्लू के संबंध में विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई है। उन्होंने बताया कि कौवों के मरने की विभाग को आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। सूचना पर जांच कराई जा रही है।