बालाकोट एयर स्ट्राइक की जांबाज मिंटी अग्रवाल को मिला युद्ध सेवा पदक
गाजियाबाद। पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना की बालाकोट एयर स्ट्राइक की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने वाली स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल को एयरफोर्स डे पर युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। वह पहली महिला हैं जिन्हें युद्ध सेवा पदक मिला है। वायु सेना दिवस पर एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने मिंटी अग्रवाल को पदक से सम्मानित किया। बालाकोट एयर स्ट्राइक की कार्रवाई में स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने उड़ान नियंत्रक की अहम भूमिका निभाई थी।
स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने बताया कि युद्ध सेवा पदक पाकर वह बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बालाकोट मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद हमें पाकिस्तान की तरफ से जवाबी कार्रवाई का अंदेशा था। इसके लिए हम पहले से ही तैयार थे। अंदेशा सच साबित हुआ। बालाकोट मिशन पूरा होने के बाद हमारे पास रक्षा के लिए कुछ विमान पहले से ही थे। फिर पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई होने पर हमने इन विमानों को भी मुकाबले के लिए उतार दिया। पाकिस्तानी लड़ाकू विमान हमले के इरादे से आए थे। लेकिन हमारे पायलटों, नियंत्रकों और टीम की कुशलता के चलते हमने उनका मिशन विफल कर दिया। मिंटी बालाकोट एयर स्ट्राइक के वक्त रडार कंट्रोलिंग सिस्टम पर तैनात थीं जो ऑपरेशन के हीरो विंग कमांडर अभिनंदन को पल-पल की सूचना दे रहीं थीं। इसका नतीजा था कि इस स्ट्राइक के दौरान भारत ने पाकिस्तान का एफ-16 फाइटर विमान को मार गिराया था।