स्वास्थ्य विभाग के अफसर की बेटी को अगवा करने की कोशिश
गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर की फैशन डिजाइनर बेटी को बदमाशोें ने दिनदहाड़े इंदिरापुरम की एक सोसायटी के गेट से अगवा करने की कोशिश की। बेटी जैसे ही गेट पर खड़ी पिता की कार में बैठी तो दो बदमाश अंदर घुस गए। बेटी बदमाशों से भिड़ गई। तभी एक बदमाश ने नशे के पांच इंजेक्शन पैर में ठोक दिए। इसके बावजूद वह बदमाशों से लोहा लेती और बदमाश भाग खड़े हुए। अफसर पिता की तहरीर पर इंदिरापुरम पुलिस ने केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के एक जिले में तैनात स्वास्थ्य विभाग के एक एडिशनल डायरेक्टर का परिवार इंदिरापुरम की हाई सिक्योरिटी सोसायटी में रहता है। उनकी 28 वर्षीय बेटी सोसायटी के पास ही फैशन डिजाइनिंग की शॉप चलाती हैं। अफसर का कहना है कि बृहस्पतिवार शाम वह बेटी के साथ सोसायटी के पास मार्केट गए थे। उन्होंने अपनी कार सोसायटी के गेट नंबर-4 पर खड़ी कर दी थी। वापस लौटते वक्त बेटी ने उन्हें मार्केट में रोक दिया और खुद कार लेने चली गई। आरोप है कि जैसे बेटी कार में बैठी तभी विपरीत दिशा से आए दो बदमाशों ने हमला बोल दिया। एक बदमाश ने उसे ड्राइविंग सीट से बराबर वाली सीट पर धकेल दिया, जबकि दूसरा बदमाश पीछे की सीट पर जा बैठा। पीछे बैठे बदमाश ने उनकी बेटी का मुंह और गला दबा दिया।
बेहोश कर अगवा करना चाहते थे बदमाश
अफसर ने बताया कि बदमाश बेटी को अगवा करना चाहते थे। बेटी विरोध न करे, इसके लिए बदमाशों ने उसे नशे के पांच इंजेक्शन लगाए। इसके बावजूद बेटी बेहोश ने हिम्मत नहीं हारी और बदमाशों से लोहा लेती रही। इस दौरान बदमाशों ने बेटी के साथ हाथापाई भी की। जिसमें उसके चेहरे और शरीर पर चोट भी आई है।
12 मिनट तक बदमाशों से जूझती रही बेटी
अफसर का कहना है कि उनकी बेटी बदमाशों को देखकर घबराई नहीं और उसने 12 मिनट तक बदमाशों का डटकर मुकाबला किया। बेटी के बुलंद हौसलों को देख बदमाश घबरा गए और उसे कार में छोड़कर फरार हो गए। बदहवास हालत में बेटी ने जैसे-तैसे उन्हें सूचना दी।
कार में लगे कैमरे में कैद हुई घटना
स्वास्थ्य विभाग के अफसर का कहना है कि उनकी कार में कैमरा लगा है। बदमाशों का दुस्साहस उसमें कैद हो गया। बदमाशों की आपसी बातचीत भी रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने शिकायत के दौरान यह फुटेज भी पुलिस को सौंपी है।
लोग हिम्मत दिखाते तो पकड़े जा सकते थे बदमाश
घटना उस सोसायटी के गेट पर हुई, जहां सुरक्षा में गार्ड तैनात रहते हैं। लोगों की काफी आवाजाही भी थी लेकिन किसी ने भी उनकी बेटी की मदद करने की कोशिश नहीं की। अफसर का कहना है कि अगर लोग और सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड हिम्मत दिखाते तो बदमाशों को पकड़ा जा सकता था। इंदिरापुरम पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर अपहरण की कोशिश और छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।