एनएच-9 पर सीवर के लिए खोदे गड्ढे में गिरकर मजदूर की मौत
गाजियाबाद। एनएच-9 पर गांव बम्हैटा के मुख्यद्वार के पास सोमवार को 25 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को सूचना दी। करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस ने दमकल विभाग की टीम को बुलाया। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस शव की शिनाख्त करने में लगी है।
नेशनल हाईवे-9 पर बम्हैटा गांव के मुख्य द्वार के पास एनएचआई ने सीवर लाइन के लिए करीब 25 फिट गहरा गड्ढा खोद रखा है। इस गड्ढे में पानी भरा है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक 50 वर्षीय राजेश जैसे ही गड्ढे के पास से निकला उसका पैर फिसल गया और वह गड्ढे में गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने शोर मचाया तो काफी लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने पास में ही काम कर रही जेसीबी से राजेश को निकालने की कोशिश की पर कामयाबी नहीं मिली। इस पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। काफी समय बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दमकल विभाग की टीम को जानकारी दी। दमकल की टीम ने सीढ़ी लगाकर राजेश को निकालने की कोशिश की। काफी मशक्कत बाद राजेश को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कविनगर थाना प्रभारी मोहम्मद असलम ने बताया कि सीवर के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने के बाद अधेड़ को स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की थी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मृतक का नाम राजेश बताया गया और उसके मूल निवास की तस्दीक नही हो सकी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लोग बोले मजदूरी करता था राजेश
स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक वहीं ऐसे ही घूमता रहता था और वह मजदूरी करता था। किसी का काम करने के लिए वह 100 से 150 रुपये लेता था। उससे अपने खाने पीने का खर्च चलाता था और कहीं भी सो जाता था। वह अपना नाम राजेश बताता था। कभी वह फर्रुखाबाद और कभी इटावा का बताता था। उसके बारे में सही जानकारी किसी को नहीं है।
छह महीने पहले भी हो चुका है हादसा
स्थानीय लोगों ने बताया कि बम्हैटा गांव के पास छह महीने पहले भी इसी तरह एक व्यक्ति की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई थी। घटना स्थल से 400 मीटर आगे ही यह हादसा हुआ था। इसके बाद भी अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
मिट्टी में दब गए थे मजदूर
बम्हैटा गांव के पास ही कुछ समय पहले सड़क किनारे सीवर लाइन निर्माण के दौरान मिट्टी की ढांग गिर गई थी, जिसमें कई मजदूर दब गए थे। इसके बाद भी लापरवाही हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं। उनका कहना है कि जब हादसा हो जाता है अधिकारी आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। घटनाओं के बाद भी गड्ढे को खोदकर खुला छोड़ दिया है। इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
घटनाओं के बाद भी सबक नहीं ले रहे अधिकारी
जिले में नाले एवं गड्ढों में गिरकर पिछले कुछ दिनों में कई मौत हो चुकी हैं। एनएच-9 पर खुले नाले में बरात की कार गिर गई थी, उसमें कई लोग घायल हो गए थे। कविनगर थाना क्षेत्र में लालकुआ के पास नाले में कार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। लोनी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में गिरने से तीन लोगों की मौत हुई थी। विजयनगर में नाले में गिरने से छात्र की मौत हो गई थी। वह साइकिल से ट्यूशन पढ़कर लौट रहा था।
सूचना मिलते ही की कार्रवाई
बम्हैटा गांव के पास गड्ढे में व्यक्ति की गिरने की जानकारी मिली। टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और 25 फिट गहरे गड्ढे से राजेश को निकाल लिया गया। राजेश को पुलिस और स्थानीय लोगों के सुपुर्द कर दिया गया। वहां से लोग उसे अस्पताल ले गए।
सुनील कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी