79 कोरोना संक्रमित मिले, 278 हुए डिस्चार्ज
गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित बुजुर्ग आश्रम में रहने वाले दो बुजुर्ग और महराजपुर में कार्यरत फार्मासिस्ट सहित कोरोना के 79 नए मरीज मिले हैं। 278 मरीज संक्रमण मुक्त होने के बाद डिस्चार्ज किए गए हैं। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 3978 हो गई है। इनमें से 2583 डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 1332 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब तक जिले में 63 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 130 मरीजों की दो बार एंट्री हो गई थी। इन्हें हटाने के लिए कहा गया था। लखनऊ स्तर से डुप्लीकेट एंट्री हटाने के बाद मरीजों की संख्या कम हो गई है।
52 वर्षीय व्यक्ति की मौत : शास्त्रीनगर निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। उसे सांस लेने में परेशानी और बुखार होने पर पांच दिन पहले एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। तबीयत अधिक खराब होने पर संतोष अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी होेने से इनकार किया है।
समय पर रिपोर्ट न मिलने से परेशानी : जिले में सैंपलों की संख्या तो बढ़ा दी गई है लेकिन जांच के लिए भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट समय पर नहीं आ रही है। इससे संदिग्ध मरीज एवं उनके परिजन परेशान हैं। विजयनगर क्षेत्र में रहने वाली कोरोना संक्रमित महिला की मौत के दस दिन बाद भी परिजनों के सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। जबकि महिला की मौत के बाद घर सील कर दिया गया और पूरा परिवार होम क्वारंटीन में है। महिला की मौत के दो दिन बाद परिवार के सभी सदस्यों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि पड़ोसी भी उन पर संदेह कर रहे हैं और घर से बाहर निकलने पर हंगामा कर देते हैं। ऐसे में उन्हें रोजमर्रा की जरूरत के सामान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई बार स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें जल्द रिपोर्ट आने का आश्वासन दिया जाता है। एंटीजन किट में पॉजिटिव गर्भवती की प्रसव के बाद भी नहीं आई आरटीपीसीआर रिपोर्ट : गर्भवती महिला की एंटीजन किट में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद महिला को संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया, इस दौरान आरटीपीसीआर के लिए भी सैंपल जांच के लिए भेजा गया। प्रसव के दस दिन बाद तक गर्भवती में कोई लक्षण न होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन अभी तक उसकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब पर सैंपल अधिक होने से दबाव बढ़ गया है। इसलिए अभी एंटीजन किट से जांच कराने की सलाह दी जा रही है। जो भी सैंपल की रिपोर्ट रुकी है, कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द आ जाए।