कनावनी गांव में सोमवार दोपहर करीब एक बजे झोंपड़ी में लगी आग से 60 झुग्गियां राख हो गईं। साथ ही पास की गौशाला में 38 गाय-बछड़े जिंदा जल गए। आग की लपटों के बीच 27 गाय भाग निकलीं जबकि झुलस जाने से आठ की हालत गंभीर बनी है। पंद्रह मिनट के भीतर दस बीघे में फैली आग की लपटों पर काबू पाने में दमकल की 15 गाड़ियों को तीन घंटे लगे। शासन ने डीएम ने इस घटना की रिपोर्ट तलब की है।
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मौके पर पहुंचे डीएम आरके सिंह और प्रभारी एसएसपी मुनिराज जी. ने जांच के लिए अलग-अलग कमेटी गठित की है। आग लगने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। कनावनी में पांच बीघे में झुग्गी झोंपड़ियां थीं। इसके बराबर में दो बीघे में कबाड़ का गोदाम है। तीन बीघे में श्रीकृष्णा सेवा गौशाला है।
झुग्गी से आग की लपटें पहले गोदाम और फिर गौशाला में पहुंचीं। इसके बराबर में गेहूं का खेत है। फसल भी जलकर राख हो गई। झुग्गियों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे थे। आग लगते ही ये बाहर निकले और चीखने लगे। दमकल के आने से पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया।
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गौशाला के संचालक सूरज पंडित ने बताया कि वहां 100 गाय थीं। झुग्गियां और कबाड़ का गोदाम अवैध रूप से बना है। इन्हें हटाने के लिए कई बार पुलिस से कहा, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उधर, आग लगने के बाद आस-पास के लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर सड़क जाम करने का प्रयास किया। एसएसपी ने कहा कि जिसकी की भी गलती मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।