उपचार के बाद उसकी पत्नी गर्भवती नहीं हुई तो उसने सीएमओ और कोर्ट में शिकायत की। जहां जांच के बाद शिकायत निरस्त कर दी गई। आरोप है कि अब वह अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और अस्पताल में आकर धमकी देकर 10 लाख रुपये नहीं देने पर मारने की धमकी दी है।
मामले में प्रबंधक ने इरफान और उसके दो साथियों के खिलाफ सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसीपी नंदग्राम आलोक दुबे का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।