दफ्तर में बैठकर बना दिया फर्जी बिल, अधिशासी अभियंता ने दिए जांच के आदेश
गाजियाबाद। बिजली बिल बनाने वाली कंपनी का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। शिकायत के बाद विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता वाणिज्य अमित कुमार ने मामले की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए है। मामला मुरादनगर से जुड़ा है। आरोप लगाया गया है कि निजी कंपनी ने बिना मौके पर गए ही करीब पांच-छह हजार बिल बनाकर उपभोक्ताओं को थमा दिए। मामले में एमडी से लेकर मुख्यमंत्री तक को शिकायत भेजी गई है।
ऊर्जा निगम ने बिजली बिल बनाने का काम निजी कंपनी को दे रखा है। शिकायतकर्ता शिवकुमार का कहना है कि बंगलूरू की एक निजी कंपनी ने मुरादनगर क्षेत्र में डोर टू डोर जाकर बिल तैयार करने का ठेका लिया है। काफी समय से कंपनी के कर्मी मौके पर बिना गए ही बिल तैयार कर रहे हैं। बिना रीडिंग के दफ्तर में बैठकर बिल तैयार किया जा रहा है। पिछले पांच छह महीने में पांच से छह हजार बिल फर्जी बनाए गए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो जांच कराने के लिए कहा गया लेकिन कोई नतीजा नहीं नहीं निकला। उन्होंने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजा है। मेरठ मंडल के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि उनके पास मुरादनगर से फर्जी बिल की शिकायत आई है। मामले की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता का कहना है कि शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।