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Ghaziabad News: 12 दिन बाद झुके अफसर... वकीलों की हड़ताल खत्म

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12 दिन बाद झुके अफसर... वकीलों की हड़ताल खत्म
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गाजियाबाद। तहसील के वकीलों की 12 दिन से चली आ रही हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। हड़ताल से ठप पड़े संपत्ति के बैनामे सोमवार से हो सकेंगे। वकीलों ने इसकी घोषणा प्रशासन के अफसरों के बैकफुट पर आ जाने के बाद की। अधिकारियों ने वकीलों की तीन मांगें मान लीं। इनमें सबसे प्रमुख रजिस्ट्री के टोकन की वैद्यता अवधि चार दिन करने की है। इसके साथ ही, तय हो गया कि रजिस्ट्री के लिए दिए जाने वाले स्लॉट बढ़ाए जाएंगे। निबंधन विभाग ने टोकन की अवधि एक दिन कर दी थी। ऐसे में अगर जिस शख्स ने रजिस्ट्री कराने के लिए टोकन लिया है, अगर वह दी गई हुई तारीख पर शाम पांच बजे तक न आ पाए या कोई और परेशानी आ जाए तो नया टोकन लेना होता था। जरूरी नहीं था कि यह अगले ही दिन का हो। यह अगले तीन-चार दिन में से किसी का भी हो सकता था। ऐसे में लोगों को बड़ी परेशानी हो रही थी। बैनामे के लिए कई चक्कर काटने पड़ रहे थे। दूसरी समस्या रजिस्ट्री दफ्तर में काउंटर की संख्या कम कर देने से आ रही थी। बैनामे कम हो रहे थे और समय ज्यादा लग रहा था।
बैनामे में संशोधन का विकल्प समाप्त कर दिया गया था। इस पर वकील हड़ताल पर चले गए थे। राजनैतिक दल उनके समर्थन में आ रहे थे और यह बड़ा मुद्दा बन गया था। शुक्रवार को तहसील सदर से अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। मार्च होली चाइल्ड चौराहा, आरडीसी होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। यहां अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया। जिलाधिकारी से मिलने वाले अधिवक्ताओं में पूर्व बार अध्यक्ष अंबोज डागर, अधिवक्ता ब्रह्मपाल सिंह, वीरभान, पूर्व बार अध्यक्ष वीरेंद्र सहरावत, इंद्रभूषण शर्मा, ठाकुर अतवीर सिंह, बैनामा लेखक रामानंद गोयल शामिल रहे।
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वकीलों की बड़ी जीत
तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक वर्मा ने बताया कि उनकी तीन मांगें मान ली गई है। यह वकीलों की बड़ी जीत है। इससे लोगों को भी सुविधा होगी।
बड़ी राहत मिलेगी
बार एसोसिएशन सचिव विकास त्यागी ने बताया कि प्रशासन ने मांगें मान ली हैं। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बैनामे आसानी से हो सकेंगे।
पावर ऑफ अटार्नी पर सात फरवरी को सुनवाई
पावर ऑफ अटार्नी पर लगी पाबंदी के विरोध में तहसील बार अध्यक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। पूर्व बार अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि सात फरवरी की तिथि सुनवाई के लिए लगी है। हड़ताली वकीलों की एक मांग पॉवर ऑफ अटार्नी पर लगाई गई रोक हटाने की भी थी। इसके लिए अब कोर्ट पर नजरें लगी हैं।
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12 दिन में 60 करोड़ का राजस्व प्रभावित
तहसील में बैनामों से प्रतिदिन करीब पांच करोड़ का राजस्व स्टांप शुल्क के रुप में आता है। पिछले 12 दिनों की हड़ताल से रजिस्ट्री का काम ठप पड़ा था। इस तरह कुल 60 करोड़ का राजस्व नहीं मिल पाया। एक काउंटर पर रोज 32 बैनामे तक हो जाते हैं। तीन रह जाने से अधिकतम 96 हो रहे थे। इनकी संख्या बढ़ाकर पांच कर दिए जाने से 160 बैनामे हो सकेंगे।
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