प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को शहर से बाहर भेज रहे लोग, दिया शपथ-पत्र
गाजियाबाद। प्रतिबंधित तीन नस्ल के कुत्तों पिटबुल, रॉट विलर और डोगो अर्जेंटीनों के पंजीकरण पर रोक का असर अब दिखने लगा है। प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को उनके मालिक अब शहर के बाहर भेज रहे हैं। तीन पिटबुल और रॉट विलर के पांच मालिकों ने नगर निगम में शपथ-पत्र जमा किया है कि उन्होंने कुत्तों को शहर से बाहर भेज दिया है। आने वाले दिनों में शपथ-पत्र की संख्या में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
नगर निगम में 31 दिसंबर तक प्रतिबंधित नस्ल के 391 कुत्तों में से केवल 42 के मालिकों ने ही नसबंदी प्रमाण-पत्र निगम में जमा किया है। निगम की टीम सर्वे कर बगैर पंजीकरण इन नस्लों के कुत्तों को पालने वालों पर जल्द कार्रवाई शुरू करेगी। नगर निगम बोर्ड ने बीते 15 अक्तूबर को इन तीन नस्लों के कुत्तों के पालने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव सदन में पारित किया था। इससे पूर्व से पाल रहे कुत्ता मालिकों को पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद पंजीकरण का आंकड़ा 10 फीसदी के आसपास ही रहा। नगर निगम के उप मुख्य पशु चिकित्सा व कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज सिंह का कहना है कि पांच लोगों ने प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले अपने कुत्तों को शहर से बाहर भेजने संबंधी शपथ-पत्र दिया है। जल्द सर्वे शुरू कर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
दिसंबर में 124 तो नवंबर में कुल 193 कुत्तों के पंजीकरण:
नगर निगम में विभिन्न प्रजातियों के कुत्तों के पंजीकरण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक नगर निगम में 4279 कुत्तों का पंजीकरण हो चुका है। दिसंबर माह में 124 कुत्तों का पंजीकरण हुआ है, जबकि नवंबर में पंजीकरण का आंकड़ा 193 तक पहुंच गया था।