फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: मकान बेचने का एग्रीमेंट कर छह बैंकों से लिया 10 करोड़ का ऋण

विज्ञापन
विज्ञापन
मकान बेचने का एग्रीमेंट कर छह बैंकों से लिया 10 करोड़ का ऋण
विज्ञापन

गाजियाबाद। प्रताप विहार के रहने वाले राम अवतार से एक व्यक्ति ने अपना मकान बेचने का सौदा करके रुपये लेकर बैनामा नहीं किया जबकि फर्जीवाड़ा कर उस मकान पर छह अलग-अलग बैंकों से करीब 10 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया। उन्होंने मकान पर कब्जा लेने के लिए कोर्ट का सहारा लिया तो आरोपी ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील डाली जहां से वे खारिज हो गईं। इसके बाद उन्हें किसी तरह 2014 में मकान पर कब्जा मिला तो उसके बाद बैंकों से नोटिस आने पर उसके फर्जीवाड़े का पता चला। अब वह अपने मकान के लिए बैंकों से लड़ाई कर रहे हैं।
राम अवतार का कहना है कि उन्होंने दिग्विजय सिंह से 2002 में एक मकान खरीदने का सौदा किया था। इसके लिए साढ़े सात लाख रुपये देकर एग्रीमेंट भी कर दिया गया लेकिन इसके बाद उसने मकान का बैनामा नहीं किया। कोर्ट के चक्कर काटने के बाद 12 साल बाद उन्हें मकान पर कब्जा मिला। राम अवतार ने बताया कि कब्जा मिलने के बाद सबसे पहले इलाहाबाद बैंक से जानकारी मिली कि इस मकान पर ऋण लिया गया है। जिसकी किस्त जमा नहीं हैं। इसके बाद पीएनबी, सिंडिकेट बैंक, आईसीआईसीआई, इंडियाबुल, धन लक्ष्मी बैंक से भी नोटिस मिले। सभी बैंक से करीब 10 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है।
विज्ञापन

अलग-अलग नामों से लिए ऋण
राम अवतार ने बताया कि बैंकों से नोटिस आने पर जब उन्हें इसका पता चला तो यह भी सामने आया कि दिगिव्जय सिंह ने अलग-अलग नामों से ऋण लिया है। उनका कहना है कि एक बैंक से ऋण लेने के बाद जब उस प्रोपर्टी के दस्तावेज उस बैंक में गिरवी हैं तो अन्य बैंकों से ऋण किस आधार पर दिया गया। मामले में उन्होंने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा जिस संपत्ति को आधार बनाकर ऋण लिया गया उसकी अधिकतम कीमत दो करोड़ भी नहीं है। दिग्विजय सिंह की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

जांच के बाद बेटे और पत्नी के खिलाफ केस
ऋण लेने में दिग्विजय सिंह के बेटे और पत्नी भी सह आवेदक रहे। इस आधार पर एंटी फ्राड सेल की जांच के बाद विजयनगर थाने में बेटे अभिषेक सिंह और पत्नी कमलेश सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एसीपी नगर अंशु जैन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बैंक अधिकारियों के मिलीभगत होने की जानकारी की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें