शस्त्र जमा कराने से छूट चाहिए तो पुलिस की रिपोर्ट जरूरी
गाजियाबाद। निकाय चुनाव की तारीखों का एलान होने से पहले जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंस धारकों के शस्त्र जमा कराने शुरू कर दिए हैं। अब तक करीब 1500 से ज्यादा थानों और शस्त्र दुकानों पर हथियार जमा करा चुके हैं। इस बार शस्त्र लाइसेंस जमा कराने से छूट चाहने वालों की हसरत पूरी होना मुश्किल होगा। स्क्रीनिंग कमेटी सिर्फ ऐसे लोगों को हथियार जमा कराने में छूट दे सकती है जिनकी जान को खतरा है। इसके लिए संबंधित थाने और पुलिस चौकी की रिपोर्ट जरूरी होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया है। शहरी क्षेत्र में एडीएम सिटी बिपिन कुमार और ग्रामीण क्षेत्र में एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास व पुलिस अधिकारियों को स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल किया गया है। उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में शस्त्र लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी कर शस्त्र जमा कराए जाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि जमानत पर रिहा हुए लोग, आपराधिक इतिहास वाले, पूर्व में दंगे या चुनाव के दौरान हुए फसाद में शामिल रहे लोग, पूर्व में मुचलका पाबंद रहे लोग और चुनाव के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने वाले संभावित लोगों के शस्त्र अनिवार्य रूप से जमा कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी विशेष परिस्थिति में ही किसी व्यक्ति को शस्त्र जमा न कराने की छूट दी जा सकेगी। इसके लिए पुष्टि कराई जाएगी।