यू-ट्यूब से वीडियो देख मांगी थी 50 लाख की रंगदारी, मुठभेड़ के बाद तीन गिरफ्तार
गाजियाबाद। राजनगर में रहने वाले उद्यमी आशीष गर्ग से सुमित जाट के नाम से 50 लाख की रंगदारी तीन बदमाशों ने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर मांगी थी। कविनगर पुलिस ने तीनों बदमाशों को मंगलवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। डीसीपी सिटी ने बताया कि रंगदारी मांगने वालों में उद्यमी का पूर्व ड्राइवर भी शामिल है।
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए बदमाश दीपक उर्फ गोल उर्फ गुलवा, अभिषेक कुमार उर्फ चिंटी निवासी गढ़ी सिकरोड और अंकित निवासी जालौन हैं। अंकित फिलहाल संजयनगर में परमहंस स्कूल के पीछे रह रहा था। उन्होंने बताया कि अभिषेक उर्फ चिंटू पूर्व में उद्यमी आशीष गर्ग का ड्राइवर रह चुका है और उसे उम्मीद थी कि रंगदारी के नाम पर रकम मिल सकती है। रंगदारी में इस्तेमाल किए गए दो फोन में से एक फोन उन्होंने मोरटा से एक श्रमिक से लूटा था और दूसरा फोन श्रमिकों के बच्चों से मांगकर कॉल की थी। प्रभाव डालने के लिए उन्होंने पहले यू-ट्यूब पर सुमित जाट से संबंधित वीडियो देखी और फिर कॉल कर रंगदारी की रकम ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बुलाया। दीपक उर्फ गोलू ने कॉल की थी।
दावा: बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि रंगदारी की कॉल मिलने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। मंगलवार देर रात उन्हें सूचना मिली कि तीन बदमाश बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले हैं। इस पर पुलिस टीम को तैनात कर दिया गया। मुखर्जी पार्क चौराहे के पास तीन बदमाश आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश दीपक उर्फ गोलू घायल हो गया।
फर्जी है पुलिस मुठभेड़ की कहानी
गाजियाबाद। दीपक उर्फ गोलू के परिजनों ने पुलिस की मुठभेड़ की कहानी को फर्जी बताया है। इसके विरोध में उन्होंने बुधवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। दीपक के पिता बलराम ने डीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने और फर्जी मुठभेड़ की कहानी बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। बलराम का कहना है कि कविनगर एसएचओ अपनी टीम के साथ पांच दिसंबर को करीब 11:30 बजे उनके घर आए थे। घर से वह उनके बेटे विकास और दूसरे बेटे दीपक उर्फ गोलू को उठाकर पीटते हुए लेकर गए थे। इसका वीडियो फुटेज भी उनके पास है। बुधवार को उन्हें पता चला कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दर्शाकर दीपक के पैर में गोली मार दी। उन्होंने एसएचओ कविनगर और उनकी टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।