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Ghaziabad News: अवैध फैक्टरियों के धुएं से बढ़े अस्थमा-आंखों के मरीज

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अवैध फैक्टरियों के धुएं से बढ़े अस्थमा-आंखों के मरीज
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गाजियाबाद। औद्योगिक क्षेत्र पांडव नगर की अवैध रिसाइकल फैक्टरियों के बॉयलरों में जलाए जा रहे टायर और केमिकल युक्त सामान का धुआं बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की सेहत खराब कर रहा है। क्षेत्र से सटी गोल्फ लिंक्स की आशियाना ली रेजीडेंसी सोसायटी में फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं के कारण अस्थमा और आंखों में जलन संबंधी मरीज दोगुना हो गए हैं। केमिकल युक्त धुएं से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने के कारण उन्होंने सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।
मामले में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) की शिकायत पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फैक्टरियों के धुएं के साथ सोसायटी गेट के बराबर बनाए गए कूड़ाघर से उठने वाली दुर्गंध से लोगों की परेशानी दोगुना कर दी है।
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बालकनी की खिड़की की बंद, खरीदे एयर प्यूरीफायर
सोसायटी में पांडव नगर की फैक्टरियों की ओर वाले फ्लैट निवासियों ने अपनी बालकनी को स्थायी रूप से बंद कर दिया है। सांस लेने में हो रही परेशानी के कारण लोगों को मजबूरन एयर प्यूरीफायर खरीदने पड़े हैं। दूसरी ओर बालकनी में अगर निवासियों की ओर से कपड़े सुखाए जाते हैं तो वह काले या फिर ब्राउन हो जाते हैं। फैक्टरियों में कार्रवाई से बचने के लिए दिन की जगह शाम से लेकर सुबह तक बायलर चलाए जाते हैं। ऐसे में सुबह शाम हवा में केमिकल की दुर्गंध आने के कारण लोगों ने टहलना छोड़ दिया है।
200 बच्चों के आंखों में जलन की समस्या
आशियाना ली रेजीडेंसी एओए सचिव भूमेश शर्मा ने बताया कि पांडव नगर की केमिकल फैक्टरियों के धुएं के कारणों बच्चों केआंखों में जलन की समस्या है। नेत्र जांच शिविर में 200 बच्चों के आंखों में जलन व ड्राईनेस की परेशानी सामने आई। इसमें 12 से अधिक अस्थमा के मरीज सामने आए हैं।
गले में खरास और खांसी की समस्या
आशियाना ली रेजीडेंसी सोसायटी एओए संयुक्त सचिव रजनीश अग्रवाल ने बताया कि फैक्टरियों से उठने वाले धुएं की बदबू बहुत तेज है। फैक्टरियों के बॉयलरों में टायर व बेकार केमिकल युक्त सामान जलाया जा रहा है। इससे गले में खरास व खांसी की समस्या सामने आ रही है।
गर्म पानी से गला करना होता है साफ
आशियाना ली रेजीडेंसी सोसायटी निवासी गौतम सिंह ने बताया कि केमिकल युक्त धुएं की दुर्गंध इतनी तेज है कि खिड़की बंद होने के बावजूद रात को सांस लेने और नींद टूटने से परेशान हैं। सुबह गर्म पानी से गरारे करने पर गला साफ हो पाता है।
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तीन माह से टहलना किया बंद
आशियाना ली रेजीडेंसी सोसायटी निवासी मनोज कुमार ने बताया कि केमिकल युक्त दुर्गंध के कारण चार माह से टहलना बंद कर दिया है। लोगों को हो रही परेशानी पर जांच कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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