बाहर की दवा लिख रहे डाक्टर... दीवार फांदकर ला रहे मरीज
गाजियाबाद। सोमवार को दोपहर के दो बजे हैं। संयुक्त जिला अस्पताल के पीछे की तरफ कुछ लोग दीवार फांदकर बाहर जा रहे हैं। जानकारी करने पर पता चलता है कि वे दवा खरीदने के लिए जा रहे हैं। डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं। उन्हें दवाएं मेडिकल स्टोर से खरीदकर लानी पड़ती हैं और डॉक्टर को दिखानी पड़ती हैं। जो मरीज अकेले आए, वे खुद ही जा रहे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। अन्य मरीज साथ आए तीमारदारों को भेज रहे थे।
यह वही अस्पताल है, जहां दो महीने पहले लाखों की दवाइयां छत पर पड़ी मिली थीं। मरीजों को न दिए जाने के कारण ये दवाएं एक्सपायर हो गई थीं। इस मामले में जांच चल रही है, जिसे लंबा खींचा जा रहा है। यह 15 दिन में पूरी होनी थी लेकिन अब तक अधूरी है। अब इसकी वजह सामने आ रही है। जो दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं, उनमें से भी कई मरीजों को नहीं दी जा रही हैं। अस्पताल के पीछे की तरफ मेडिकल स्टोर हैं। उस पर भीड़ लगी रहती है।
पांच दवा लिखीं, दो ही मिलीं
घूकना निवासी वीरवती ने बताया कि आंखों में दर्द और रक्तचाप की समस्या है। डॉक्टर ने पर्ची पर पांच दवाएं लिखीं। अस्पताल से दो ही दी गईं। तीन बाहर से खरीदीं।
पांच सौ रुपये हो गए खर्च
मोरटा निवासी पूजा ने बताया कि कई दिनों से पसलियों में दर्द और खांसी थी। कफ सीरप सहित बाकी दवाएं बाहर से लेनी पड़ी। पांच सौ रुपये खर्च हो गए।
सिर्फ बुखार की दवा मिली
सिहानी निवासी रमा देवी को सर्दी-खांसी और बुखार था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बताया गया कि कफ सीरप और खांसी की कोई दवा नहीं है। बुखार की दवा मिली। बाकी बाहर से खरीदी।
काफी पैसे हो जाते हैं खर्च
डासना निवासी निशा को खांसी की दवा और सीरप बाहर से खरीदने पड़ा । उनका कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों में पैसे ज्यादा लगते हैं इसलिए सरकारी में आते हैं, लेकिन यहां भी काफी पैसे खर्च हो जाते हैं।
सीएमएस ने कहा, जांच कराएंगे
बाहर की दवा लिखे जाने पर संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडे ने बताया कि पिछले कई दिनों से आई ड्रॉप शासन से ही सप्लाई नहीं हो रही है, लेकिन अन्य किसी दवा की कमी नहीं है। रक्तचाप, सर्दी-जुकाम और बुखार की सभी दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। इसके बावजूद डॉक्टरों बाहर की दवा लिख रहे हैं, तो यह गंभीर बात है। इसकी जांच कराई जाएगी।