दस लाख उधारी मांगने पर की हत्या, छह को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। चुनाव लड़ने के लिए दी गई 10 लाख रुपये की उधारी वापस मांगने पर ट्रांसपोर्टर की हत्या करने के छह दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने सभी दोषियों पर 1.98 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सिंह नागर ने बताया कि सिहानी गेट थाने में चार जुलाई 2016 को अधिवक्ता देवेंद्र कुमार शर्मा ने बेटे विकास की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। देवेंद्र ने बताया था कि उनका बेटा विकास कुमार ट्रांसपोर्टर था। काम के दौरान उसकी दोस्ती नीरज शर्मा से हो गई थी। नीरज ने पत्नी को कोटगांव में पार्षद का चुनाव लड़ाने के लिए विकास से दस लाख रुपये उधार लिए थे। चुनाव संपन्न होने के बाद विकास ने उधार दिए रुपये वापस मांगे तो नीरज ने इनकार कर दिया। तीन जुलाई 2016 को रात करीब 11:30 बजे विकास दोस्तों के साथ जीटी रोड से घर वापस आ रहा था। उसी दौरान नीरज शर्मा अपने साथी पंकज उर्फ काली, नीरज उर्फ छिद्दा, विनोद कुमार, विशाल उर्फ पप्पू, बिट्टू उर्फ विनय कुमार ने विकास की गाड़ी में घुसकर छुरे और चाकू से हमला कर दिया। इस समय बीच-बचाव करने आए कई अन्य लोग भी घायल हो गए थे।
इसमें विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। साथ जा रहे विकास के दोस्तों ने घायल को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हत्या के आरोप में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन सभी अभियुक्तों पर गुंड एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से 20 गवाह पेश किए गए थे।