ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में गाजियाबाद करेगा 8000 करोड़ का निवेश
गाजियाबाद। फरवरी 2023 में आयोजित होने वाली ग्लोब इंवेस्टर्स समिट-2023 में गाजियाबाद की ओर से 8000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इनवेस्टर्स समिट के लिए उद्योग निदेशालय ने जनपद का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। समिट में मुख्य रूप से माइक्रो-स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) और टैक्सटाइल क्षेत्र में इस बार बड़ा निवेश आने की संभावना जताई जा रही है।
लक्ष्य मिलते ही विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने बताया कि कार्यालय में निवेशकों की सुविधा और परामर्श के लिए इंवेस्टर्स हैल्प डैस्क की स्थापना की जानी है। इसका प्रभारी के रूप में सहायक आयुक्त उद्योग रतिका गुप्ता को अधिकृत किया गया है। उनकी ओर से कार्यालय में आए हुए निवेश प्रस्ताव और उद्यमियों को प्रदेश सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं व योजनाओं की जानकारियों को एकत्रित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर समिट के लिए सहायक आयुक्त अमित कुमार सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनको दिल्ली, एनसीआर क्षेत्र और प्रदेश से सटे राज्यों के औद्योगिक संगठनों से वार्ता करने व प्रदेश सरकार की योजनाओं कार्यक्रमों से उन्हें अवगत कराने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जनपद में कार्यरत सभी उद्योगों व पीएसयू से नए निवेश को आकर्षित करने के लिए सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार व सहायक प्रबंधक विकास यादव को जिम्मा सौंपा गया है।
एमएसएमई और टैक्सटाइल गारमेंट को यह मिलेगीं सहूलियत:
समिट में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एमएसएमई पॉलिसी 2022 व टैक्सटाइल व गारमेंट पॉलिसी 2023 के तहत निवेशकों को कई सहूलियतें प्रदान की जाएंगी। इनमें स्टाम्प शुल्क में 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट, 50 प्रतिशत कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर चार करोड़ तक की सब्सिडी, पांच से सात वर्ष तक के लिए 50 से 60 प्रतिशत ब्याज रेट पर सब्सिडी, 25 प्रतिशत सब्सिडी भूमि खरीद पर, 50 प्रतिशत सब्सिडी अवस्थापना व्यय पर (तीन करोड़ तक), टैक्सटाइल इकाई के लिए कैपिटल सब्सिडी 100 करोड़ तक की सुविधाएं शामिल हैं।