आवारा कुत्तों से लोग परेशान, निगम ने 8 दिन में कराई सिर्फ 40 की नसबंदी
गाजियाबाद। नोएडा में बेआसरा कुत्तों के हमले की वजह से एक आठ माह की बच्ची की मौत जैसा हादसा कभी भी गाजियाबाद में भी हो सकता है। गाजियाबाद में बीते वर्षों में नसबंदी का काम ठीक से न होने की वजह से कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। नगर निगम ने अब एक संस्था को कुत्तों की नसबंदी की जिम्मेदारी दी गई है। इस संस्था ने भी 8 दिन में महज 40 कुत्तों की नसबंदी की है।
नगर निगम ने लगभग एक दशक पहले कुत्तों की नसबंदी के लिए नंदग्राम में शेल्टर होम बनाया था। हर साल किसी ने किसी संस्था को नसबंदी का ठेका दिया जा रहा है, इसके बावजूद कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है। कुत्तों की नसबंदी का काम सिर्फ फाइलों में किया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों ने अब पशु चिकित्सकों की एक नई संस्था को ठेका दिया है। ऑपरेशन थियेटर और वेटिंग रूम को भी बढ़ाया गया है। निगम अधिकारियों का दावा था कि रोजाना करीब 15 कुत्तों की नसबंदी की जाएगी, लेकिन यह काम अभी बेहद धीमा है।
आवारा कुत्ते बच्चों पर कर चुके हमला
नेहरू नगर सेकेंड के ए-ब्लॉक में कुत्तों की संख्या बढ़कर 50 से ज्यादा हो गई है। अलग-अलग झुंड में रहने वाले यह कुत्ते बच्चों पर हमला कर चुके हैं। बीते दिनों इन कुत्तों ने साइकिल से ट्यूशन जा रहीं दो बच्चियों पर हमला कर दिया था। पास खड़े लोगों ने कुत्तों को खदेड़कर उन्हें बचाया था।
हर कॉलोनी के लोग परेशान
आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से हर कॉलोनी के लोग परेशान हैं। संजय नगर, पटेल नगर, अशोक नगर, कविनगर, विवेकानंद नगर, गोविंदपुरम, शास्त्री नगर, महेंद्रा एंकलेव, वसुंधरा, वैशाली, राजेंद्र नगर समेत अन्य कॉलोनियों में भी कुत्तों के हमला करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
बीते कुछ वर्षों में नगर निगम करीब 18000 हजार कुत्तों की नसबंदी करा चुका है। अब हाल ही में एक संस्था को ठेका दिया गया है। इस संस्था को हर महीने कम से कम 300 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है। इसकी संख्या बढ़ाने के लिए एक और एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर खोले जाने की योजना है। इसकी डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई है। - डॉ. अनुज सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम