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चौथे दिन भी दुष्कर्मी का सुराग न लगा सकी पुलिस

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चौथे दिन भी दुष्कर्मी का सुराग न लगा सकी पुलिस
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साहिबाबाद। ढाई साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की दस टीमों को कोई सुराग न मिलने पर चौथे दिन मंगलवार को एक और लगा दी गई। 11 टीमें दिनभर उस रेलवे लाइन के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगालती रहीं, जहां झाड़ियों में बच्ची पड़ी मिली थी। इस प्रयास में पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिली। आसपास रहने वाले नशेड़ी किस्म के 20 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन दुष्कर्मी का पता नहीं चल सका है।
बच्ची को 15 अक्तूबर को दुष्कर्म के बाद लिंक रोड क्षेत्र में महाराजपुर के सामने रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया था। पुलिस को वह 15 को ही सुबह सात बजे मिली थी। उसकी हालत गंभीर थी। जिला अस्पताल से उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 15 से ही पुलिस की टीमें दुष्कर्मी का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। मंगलवार को एसएसपी की स्वाट टीम को भी लगा दिया गया।
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टूटा मिला कैमरे का तार
सीओ साहिबाबाद पूनम मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को रेलवे लाइन के किनारे तमाम जगहों पर छानबीन की गई है। घटनास्थल के पास फैक्टरी के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा मिला। उम्मीद जगी कि इसकी फुटेज से सुराग मिल जाएगा लेकिन अंदर जाने पर पता चला कि कैमरे का तार ही हटा हुआ है, इसलिए रिकॉर्डिंग बंद है। एक जगह कैमरा चालू मिला लेकिन डीवीआर में तकनीकी दिक्कत थी। डीवीआर को फुटेज रिकवरी के लिए लैब भेजा गया है। एक जगह फुटेज में एक युवक की गोद में बच्ची नजर आई लेकिन जांच में पता चला कि वह युवक और बच्ची कोई और है।
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महिला का उपचार कराएगी पुलिस
एक मंदबुद्धि महिला ने दावा किया है कि वह बच्ची की मां है। कोर्ट से अनुमति मिलने पर पुलिस उस महिला का उपचार कराएगी। एसपी सिटी का कहना है कि उसे एनजीओ की मदद से आगरा का नोएडा भेजा जाएगा। हो सकता है कि वही बच्ची की मां हो। ऐसे में उसके ठीक होने पर केस में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता दुष्कर्मी का पता लगाने की है। उधर, बच्ची मेरठ मेरठ कॉलेज में भर्ती है। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। दुष्कर्म से उसकी आंतों तक चोट पहुंच गई थी।
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