रिश्तेदार को बच्चा गोद देने के लिए फर्जी नाम से अस्पताल में लिया दाखिला
गाजियाबाद। महिला अस्पताल में एक अनोखा मामला सामने आया है। कैला भट्टा की रहने वाली एक महिला ने फर्जी नाम से एंट्री करवाकर प्रसव कराया। जब बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनाने का समय आया तो दूसरी आईडी और नाम सामने आया, जिसके बाद मामले की जांच की गई। जांच में स्टाफ के मिलीभगत की बात सामने आई है। अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट और एक कर्मचारी को नोटिस भी जारी किया गया है।
कैला भट्टा में रहने वाली अदीशा को प्रसव पीड़ा होने पर पांच दिन पहले महिला अस्पताल की इमरजेंसी में देर रात लाया गया था। महिला ने गलत नाम और पता लिखवा दिया। जब उनसे आधार कार्ड मांगा गया तो महिला और उसके परिजनों ने बताया कि आधार कार्ड नहीं है। इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए महिला को भर्ती कराकर उसकी डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी होने के बाद जच्चा-बच्चा को वार्ड में भी भेज दिया गया। जब बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनाने की बारी आई तो आधार कार्ड मांगा गया। इस पर वह आनाकानी करने लगे और जब उस नाम का आधार कार्ड दिया तो महिला की फोटो मैच नहीं हुई। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ कि महिला लगातार अपने रिश्तेदार के नाम से चेकअप और इलाज कराती रही और डिलीवरी भी उसी के नाम से कराना चाह रही थी। जब यह मामला सीएमएस के पास पहुंचा तो सारा मामला सामने आया। उन्होंने इस मामले में लापरवाही बरतने और कर्मचारियों की साठगांठ होने की आशंका के बाद एक फार्मासिस्ट और एक अन्य कर्मचारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ संगीता गोयल ने बताया कि महिला ने गलत नाम दर्ज कराया था जिसके बाद प्रबंधन को बिना जानकारी दिए रजिस्टर में इस नाम को सही कर दिया था। डिलीवरी के बाद भी आधार कार्ड ना मांगना और पूरी जांच ना करना उस समय मौजूद स्टाफ की लापरवाही दिखा रही है इसलिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। सही आधार कार्ड के नाम पर बच्चे का प्रमाणपत्र बना दिया गया दोनों डिस्चार्ज कर दिए गए हैं।