शातिर ने साजिश बताई फिर झुठलाई, क्या सच और क्या झूठ...पुलिस चकराई
गाजियाबाद। इकला गांव के नर्मदेश्वर मंदिर से दो अक्तूबर को पिस्टल और ब्लेड के साथ पकड़े गए शातिर आस मोहम्मद को रिमांड पर लेकर चार दिन की पूछताछ के बाद पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जैसे जेल जाने से पहले उसने पुलिस को घुमाया था, वैसे ही इस बार भी चकरा दिया है। बेहद शातिर अंदाज में वह पहले कोई सनसनीखेज साजिश बताता है और फिर कह देता है कि सब झूठ था। पुलिस अधिकारी समझ नहीं पा रहे हैं कि उसकी कौन सी बात को सच समझा जाए? बृहस्पतिवार को रिमांड का आखिरी दिन है।
उससे सबसे पहले पूछताछ मंदिर के सेवादारों ने की थी। इसका वीडियो भी बनाया था। तब उसने कहा था कि वह मंदिर में महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी की हत्या के लिए आया। इसकी वजह भी बताई थी। उसने कहा था कि महामंडलेश्वर ने हरिद्वार की धर्म संसद में उसके धर्म के बारे में बहुत खराब बातें की थीं, इसलिए उसने यह साजिश रची।
इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि महामंडलेश्वर की हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। साजिश कई धर्मगुरुओं की हत्या की है। जेल जाने से ठीक पहले वह इससे पलट गया और कह दिया कि उसने पिटाई से बचने के लिए सब झूठ बोला। वह तो महामंडलेश्वर का शिष्य बनने के लिए आया था। यह भी कहा कि वह धर्म परिवर्तन करके समीर शर्मा बन चुका है। उसने धर्म परिवर्तन के दस्तावेज भी दिए। हालांकि, जांच में ये जाली निकले।
आईबी तक ने की पूछताछ
आस मोहम्मद से लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू), पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और एंटी टेरेरिज्म स्कवॉड (एटीएस) ने पूछताछ की। उसके बारे में नोएडा से भी जानकारी जुटाई गई। वह नोएडा के दादरी के पल्ला गांव का निवासी है। उसका परिवार घर पर ताला लगाकर चला गया है। इसलिए, परिजनों से पुलिस पूछताछ नहीं कर सकी।
बयान
आस मोहम्मद की बातों पर यकीन करना मुश्किल है। वह लगातार बयान बदल रहा है। उसके हर बयान की कई स्तरों पर पड़ताल कराई जाएगी। - मुनिराज जी, एसएसपी
ऐसे बदले बयान
1. पहले कहा, महामंडलेश्वर की हत्या के लिए मुजफ्फरनगर के सलीम ने दी सुपारी।
फिर बयान बदल दिया, सलीम नाम के किसी शख्स से न कभी मिला न ही जानता है।
2. कहा, एक ऐसे संगठन से जुड़ा हूं जो धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रच रहा है।
फिर बोला, अगर इस तरह की बातें नहीं करता तो पुलिसवाले मुझे पीटते ही रहते।
3. पुलिस को बताया, संगठन के हैदराबाद, देवबंद और अलीगढ़ के दफ्तरों में रखे हैं हथियार।
विस्तार से बताने के लिए कहा तो जवाब मिला, न वह किसी संगठन से जुड़ा है और न कहीं हथियार हैं।
4. दूसरे दिन बयान दिया, मैं लव जिहाद के तहत लड़कियों को फंसाता हूं, इसके लिए फंड मिलता है।
फंड देने वाले के बारे में पूछने पर कहा, मेरे दिमाग में जो आता है, मैं कह देता हूं, इसे गंभीरता से नहीं लें।