हिंडन रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए बनेगी डीपीआर
गाजियाबाद। हिंडन को निर्मल और अविरल बनाकर रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए नगर निगम, जीडीए, सिंचाई विभाग और आवास विकास परिषद समेत सभी विभाग डीपीआर बनाएंगे। डीएम राकेश कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिंडन नदी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। केमिकलयुक्त पानी को नदी में आने से रोकने के लिए उद्योगों की मैपिंग की जाएगी।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर हिंडन नदी को प्रदूषणमुक्त बनाकर पुरातन पहचान लौटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कभी शहर की पहचान मानी जाने वाली हिंडन नदी का अस्तित्व खतरे में है। प्रदूषण के कारण इसका पानी पीने लायक नहीं रहा है। गंदगी की वजह से इसमें जलीय जीव भी नहीं रह गए हैं। नदी को पुरातन पहचान दिलाने के लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नदी में गिरने वाले औद्योगिक कचरे, फैक्ट्रियों के केमिकलयुक्त पानी को रोकने के लिए उद्योगों की मैपिंग कर जीरो डिस्चार्ज कराया जाए। सीडीओ विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को मेरठ से गाजियाबाद में प्रवेश से लेकर जिले की सीमा में हिंडन नदी के किनारे पौधरोपण कराकर सौंदर्यीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों से हिंडन नदी होकर गुजरती है, उनके लेखपाल और ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए गए कि नदी और चारागाह की भूमि पर अगर अतिक्रमण है तो उसे तत्काल हटवाएं। नदी में प्लास्टिक और कचरा न डालने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। बैठक में डीआरडीए के परियोजना निदेशक पीएन दीक्षित, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा, डीआईओएस, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, नगर निगम, जीडीए और आविप के अधिकारी मौजूद रहे।