सोसायटियों में खतरनाक कुत्तों को पालने पर लग सकती है रोक
गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र की सोसायटियों में खतरनाक कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लग सकता है। कानपुर नगर निगम ने पिटबुल और रॉटविलर को पालने से संबंधित प्रस्ताव पारित किया है। कुत्ता पालने के लिए कुछ शर्तें लगाई हैं। यहां भी मंथन शुरू हो गया है।
सोसायटियों में पालतू कुत्तों के काटने की घटनाओं के बाद खतरनाक कुत्तों को पालने पर रोक लगाने की मांग उठने लगी है। वार्ड नंबर 100 के पार्षद संजय सिंह ने भी ऐसे कुत्तों को सोसायटी में पालने पर रोक लगाने की मांग की है। लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद में कुत्तों काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। गाजियाबाद में तीन सिंतबर को संजय नगर में पिटबुल के हमले से पार्क में खेल रहे दस वर्षीय बच्चे के चेहरे और हाथ में गंभीर जख्म हो गए थे। कई दिनों तक बच्चे को अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा और लाखों रुपये इलाज पर खर्च करना पड़ा। बच्चे को 150 टांके लगे थे। बच्चा आज भी कुत्तों को देखकर सहम जाता है। राजनगर एक्सटेंशन में पांच सितंबर को लिफ्ट के अंदर बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था। सात सितंबर को कीर्तन वाली गली में कुत्ते ने एक बच्चे को पालतू कुत्ते ने काट लिया था।
अभी ये हैं व्यवस्था
नगर निगम ने पालतू कुत्ते को पालने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। एक हजार से घटाकर 200 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन कुत्तों को पालने वालों पर पांच हजार के जुर्माने की व्यवस्था की गई है।
कानपुर नगर निगम ने खतरनाक कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव की जानकारी की जा रही है। महापौर और नगर आयुक्त से ऐसा प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा। सदन की अनुमति के बाद ही प्रस्ताव लाया जाएगा।
डॉ. अनुज, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी