कस्तूरबा विद्यालय में बोतलबंद और टंकी का पानी मिला दूषित
गाजियाबाद। मुरादनगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से लिए गए पानी के सात नमूनों में दो नमूने दूषित पाए गए हैं। इनमें से एक नमूना बोतलबंद पानी का और दूसरा छात्रावास के दूसरे तल पर रखी हुई टंकी से लिया गया था। आरओ, हैंडपंप, किचन और प्रथम तल से लिया गया पानी का नमूना पीने योग्य पाया गया है। बोतलबंद पानी छात्राओं के बीमार होने के बाद हॉस्टल में आना शुरू हुआ था।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्रशासन और शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। साथ ही यह भी जानकारी की जाएगी कि किस पानी के प्लांट से पानी का बोतल मंगाया जा रहा था। उसके बारे में भी नगर पालिका और प्रशासन को सूचना दी जाएगी। बुधवार शाम को मुरादनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में खाना खाने के बाद 29 छात्राएं बीमार हो गई थीं। 12 को मुरादनगर और 17 को संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। डॉक्टरों ने लक्षण के आधार पर छात्राओं की तबियत खराब होने का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया था। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने उड़द, दाल, सब्जी और मसालों समेत अन्य चीजों के नमूने जांच के लिए भेजे। स्वास्थ्य विभाग ने छात्रावास के रसोईघर, आरओ सिस्टम, सबमर्सिबल, हैंडपंप, विद्यालय के प्रथम और दूसरे तल पर लगी टंकी, बाहर से मंगाए जा रहे बोतलबंद पानी के नमूने लिए थे। अभी खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट नहीं आई है।
वार्डन का वेतन रोकने की संस्तुति
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के जिला कोऑर्डिनेटर गौरव त्यागी ने बताया कि छात्राओं के बीमार होने से एक दिन पूर्व ही आरओ सिस्टम खराब हुआ था। आरओ खराब होने और पानी की बोतल मंगाने के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। इस संबंध में वार्डन से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके साथ ही लापरवाही पर वेतन रोकने की भी संस्तुति की है। उन्होंने बताया कि दूसरे तल की टंकी का पानी का नहाने और कपड़े धोने के लिए छात्राएं इस्तेमाल करती हैं। पीने के लिए आरओ का पानी इस्तेमाल किया जाता है। कभी-कभी हैंडपंप का पानी भी इस्तेमाल किया जाता है। आरओ सही करा दिया गया है।