1997 में मिला आवंटन पत्र, मकान 25 साल बाद भी न मिला
गाजियाबाद। झुग्गी तोड़कर नगर निगम ने 1997 में नंदग्राम में मकान का आवंटन पत्र दिया, लेकिन महिला को 25 साल से मकान नहीं मिला। 24 साल से नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रही महिला मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंची और मेयर आशा शर्मा व अपर नगरायुक्त अरुण कुमार यादव से मकान दिलाए जाने की गुहार लगाई। महापौर ने अधिकारियों को मामले की जांच कर निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। इनके अलावा जनसुनवाई में कुल 31 प्रकरण आए, इनमें से 13 शिकायतें और 18 मांग थीं।
जनसुनवाई के दौरान नगर निगम मुख्यालय पहुंचीं करीब 65 साल की महिला चंद्रकांता ने बताया कि 1996-97 में नगर निगम ने झुग्गियां तोड़कर उन्हें नंदग्राम में गरीबों के लिए बनाए गए मकानों से एक का आवंटन किया था। उस वक्त उन्हें कब्जा पत्र भी दिया गया। वह मकान में गईं तो उस पर किसी और का कब्जा था। उन्होंने शिकायत की, लेकिन मकान नहीं मिला। 1998 से वह लगातार शिकायत कर रही हैं, लेकिन अब नगर निगम का लिपिक उनके कब्जा पत्र को ही फर्जी बता रहा है। पति की मौत के बाद असहाय हुई चंद्रकांता अब मकान पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालय पहुंच मिन्नतें कर रही हैं। महापौर आशा शर्मा ने संपत्ति प्रभारी को मामले की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, अपर नगरायुक्त व संपत्ति प्रभारी अरुण कुमार यादव का कहना है कि उनके पास मौजूद कब्जा पत्र का रिकॉर्ड नगर निगम के रिकॉर्ड में नहीं मिला है। मामले की जांच कराई जाएगी।
एसटीपी में बना दिया अवैध डंपिंग ग्राउंड, कूड़े से लोग परेशान
मधुबन-बापूधाम वेलफेयर सोसायटी ने क्षेत्र में बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में कूड़ा डाल दिए जाने पर विरोध जताया है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान नगर निगम ने यहां अवैध रूप से कूड़ा डालना शुरू किया। इसे अभी तक नहीं उठाया गया है। इसकी गंदगी और बदबू से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापौर ने तत्काल नगर स्वास्थ्य अधिकारी को फोन कर समस्या का निदान कराने के निर्देश दिए।