1702 दुकानदारों को दो से चार गुना देना होगा किराया
गाजियाबाद। नगर निगम की 1702 दुकानों का किराया नए सर्किल रेट के आधार पर वसूला जाएगा। सितंबर माह से इन दुकानों के किराये में दो से चार गुना तक वृद्धि हो सकती है। वित्त संस्थान की सहमति के बाद नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दिया है। अब नगर आयुक्त को निर्णय लेने को कहा गया है।
निगम के कर विभाग की ओर से यह प्रस्ताव तैयार करके पहले कार्यकारिणी समिति में और फिर बोर्ड बैठक में पेश किया गया था। बोर्ड बैठक में सर्किल रेट के आधार पर किराया तय करने की बजाय पार्षदों और महापौर आशा शर्मा ने 25 साल पुराने किराये को आधार बनाकर हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने पर सहमति दी थी। इस आधार पर वर्तमान किराया तय किया जाना था। इस पर भी कई पार्षदों ने विरोध शुरू कर इसे कानूनी रूप से गलत बताया था। दुकानों का किराया बढ़ाये जाने का प्रस्ताव पास किए जाने के बाद भाजपा पार्षद राजीव शर्मा के नेतृत्व में व्यापार मंडल के संगठनों ने जनप्रतिनिधियों के पास जाकर ज्ञापन दिया था। इसके चलते नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने दुकानों का किराया बढ़ाये जाने का मूल प्रस्ताव और उस पर लिया गया बोर्ड का निर्णय नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया था।
वित्त विभाग से सलाह लेकर दी गई मंजूरी
यूपी सरकार नगर निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए उनकी आमदनी बढ़ाना चाहती है। इसी के चलते नगर विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने गाजियाबाद में निगम की 1702 दुकानों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था। इस पर वित्त विभाग के अधिकारियों से सलाह ली गई। यहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसकी फाइल फिर से नगर विकास विभाग पहुंची। नगर विकास विभाग की मंजूरी मिलने से अब किराया बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया।
स्मार्ट पार्किंग भी बनेंगी, एप से बुक होगा स्थान
शहर में स्मार्ट पार्किंग बनाने, मोबाइल एप से वाहन के लिए जगह बुक कराने और नो पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों पर जुर्माना लगाने केप्रस्ताव पर भी सहमति मिल गई है। नगर निगम बोर्ड ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। नगरायुक्त ने इस प्रस्ताव को भी नगर विकास विभाग को भेजा था। इसके तहत शहर में पार्किंग का ठेका किसी एक बड़ी फर्म को टेंडर के माध्यम से दिया जाना था। दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर मोबाइल एप आधारित पार्किंग स्टैंड विकसित किए जाने थे। यह ठेका पांच साल के लिए दिया जाना था। इसके तहत हर घंटे के हिसाब से पार्किंग शुल्क वसूला जाना था। अब नगर विकास विभाग की ओर से इसे भी मंजूरी मिल गई है।
आदेश की कॉपी मिलने का इंतजार
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि दोनों प्रस्तावों के आदेशों की कॉपी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। शासन के आदेश के अनुसार प्रस्तावों को लागू किया जाएगा।