महागुनपुरम सोसायटी में पिछले साल 20 मार्च 2021 को दूषित पानी पीने से 150 से अधिक बच्चों और बुजुर्गों के बीमार होने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट आठ सप्ताह में तलब की है।
पानी के टैंक में छिपकली और प्लास्टिक को ढेर मिला था। बीमार लोगों को हास्पिटल में भर्ती होना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में पानी के सैंपल फेल पाए गए थे। मानवाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट विष्णु कुमार गुप्ता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में जनहित याचिका दायर की थी।
आयोग ने आठ अप्रैल 21 को जिलाधिकारी गाजियाबाद को आठ सप्ताह में समुचित कार्यवाही से मानवाधिकार कार्यकर्ता को अवगत कराने का आदेश दिया था। लेकिन जिलाधिकारी की तरफ से कोई जानकारी नहीं उपलब्ध कराई गई।