दोपहिया वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर चढ़ तो जाते हैं, लेकिन जब वे इन वाहनों पर पाबंदी के बोर्ड देखते हैं तो वापस जाते हैं। ऐसे में उन्हें उल्टी दिशा में चलना होता है। इसी से हादसे हो रहे हैं। टोल प्लाजा से भी दोपहिया वाहन चालक लौटा दिए जाते हैं। बृहस्पतिवार को हुआ हादसा भी बाइक के उल्टी दिशा में चलने की वजह से हुआ।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों के चलने पर रोक तो लगा दी गई, लेकिन इन्हें रोकने का कोई इंतजाम ही नहीं किया गया है। न पुलिस चालान काट रही है और न ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) चेकिंग करा रहा है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि दोपहिया वाहनों से तीन माह में छह हादसे हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को तीन और की जान चली गई। इसके बाद भी शुक्रवार को दिन भर दोपहिया वाहन बेरोकटोक दौड़ते रहे।
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एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों से दोपहिया वाहनों के फोटो लिए जा रहे हैं। इनसे पता चलता है कि हर घंटे 100 से 120 वाहन गुजर रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए डासना टोल प्लाजा पर छह महीने पहले बाउंसर तैनात किए गए थे, लेकिन अब ये भी नदारद हैं। एक्सप्रेसवे दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले अधिकतर दोपहिया वाहन चालक दिल्ली से ही बीच वाली लाइन में आ जाते हैं। इसके बाद लालकुआं और डासना अंडरपास, भोजपुर अंडरपास पर भी दोपहिया वाहन चालक गलत दिशा से एक्सप्रेसवे पर चढ़कर बाहरी लाइन में शामिल हो जाते हैं।
बोर्ड देखकर चलते हैं उल्टी दिशा में
दोपहिया वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर चढ़ तो जाते हैं, लेकिन जब वे इन वाहनों पर पाबंदी के बोर्ड देखते हैं तो वापस जाते हैं। ऐसे में उन्हें उल्टी दिशा में चलना होता है। इसी से हादसे हो रहे हैं। टोल प्लाजा से भी दोपहिया वाहन चालक लौटा दिए जाते हैं। बृहस्पतिवार को हुआ हादसा भी बाइक के उल्टी दिशा में चलने की वजह से हुआ।
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एक-दूसरे पर टाल रहे जिम्मेदार
ट्रैफिक पुलिस और एनएचएआई के अधिकारी दोपहिया वाहन चालकों की आवाजाही को लेकर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। दोनों ओर से पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन दोपहिया वाहनों पर लगी रोक को लागू करने के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार का कहना है कि दो व तीन पहिया वाहनों के फोटो कैमरो से लिए जाते हैं। इसका डाटा पुलिस को भेजा जाता है। कार्रवाई करना पुलिस को जिम्मेदारी है। एनएचएआई को वाहन चालकों पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
एनएचएआई करे इंतजाम
एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाकर चेकिंग करना मुश्किल है। एनएचएआई को दोपहिया वाहन चालकों के चालान काटने वाला सॉफ्टवेयर लगाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है।
समन्वय कर निकालेंगे समाधान
सीओ सदर आकाश पटेल का कहना है कि पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एनएचएआई टीम के साथ समन्वय बैठक की जाएगी। दोपहिया वाहनों को रोकने के लिए समाधान निकाला जाएगा। टोल प्लाजा व कटों से प्रवेश करने पर दोपहिया वाहनों को रोका जाएगा।
हादसे दर हादसे
25 मई- नूरपुर रेस्ट एरिया के पास हरिद्वार से आ रही वैन दोपहिया वाहन को बचाने की कोशिश में पलटी।
27 मई- गाजियाबाद से हरिद्वार जा रहे बाइक सवार रेलिंग से बाइक टकराने से गंभीर रुप से घायल हुए।
28 जून- दो अलग-अलग हादसों में दो बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुए।
26 जुलाई- मसूरी थाना क्षेत्र में बाइक सवार तीन कांवड़ियों की डिवाइडर से टकराने से मौत
26 जुलाई - कविनगर थाना क्षेत्र में स्कूटी सवार कांवड़ियों की हादसे में मौत हो गई।
28 जुलाई- गलत दिशा में आ रही बाइक पर सवार मां बेटी और किशोरी की जान चली गई।