गाजियाबाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा की अदालत से स्वर्ण जयंती पुरम भूखंड आवंटन घोटाले के दो आरोपियों सेवानिवृत्त लेखाकार अजय त्यागी और सेवानिवृत्त मुख्य लिपिक जगदीश शर्मा को जमानत मिल गई। उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 26 सितंबर लगी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा ने बताया कि दोनों को सिहानी गेट पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। स्वर्ण जयंती पुरम में 1998 से 2003 के बीच 1583 भूखंडों का आवंटन किया गया था।
भुगतान न होने और रिफंड मांगने के चलते आवंटन निरस्त कर दिए गए थे। वर्ष 2005 से 2007 के बीच जीडीए ने 283 भूखंडों को दोबारा गलत तरीके से बहाल करते हुए आवंटित कर दिया। भूखंड जीडीए अधिकारियों व लिपिकों ने मिलीभगत कर जीडीए के सेक्टर रेट से कम दर पर दोबारा आवंटित कर दिया था।