शहर की सात लाख आबादी को मिल रहा सीवर मिला हुआ पानी
गाजियाबाद। शहर के 40 इलाकों की लगभग सात लाख आबादी सीवर मिला पानी पीने पर मजबूर हैं। इन इलाकों में आपस में सटकर जा रही सीवर और पानी की लाइन में लीकेज होने की वजह से यह समस्या है, जिससे लोग डायरिया और अन्य बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। पिछले दस दिनों में इन इलाकों से ही उल्टी-दस्त के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इतनी गंभीर समस्या पर प्रशासन के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सिर्फ पानी के नमूनो की रिपोर्ट तैयार हो रही है। इसे जीडीए और नगर निगम को भेजने के बाद फाइल बंद कर दी जा रही है।
स्वर्णजयंतीपुरम में डायरिया फैल जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी से जुलाई तक सात महीने में लिए गए पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट नगर निगम को भेजी है। इसमें बताया गया है कि शहर में 40 इलाकों में पानी के नमूने बार-बार फेल हो रहे हैं। यहां पानी के साथ सीवर मिल रहा है। कुल 363 नमूने लिए गए, जिनमें 112 फेल हो गए और 251 की रिपोर्ट सही आई। फेल मिले नमूनो में सीवर मिला। इन इलाकों में नगर निगम की सप्लाई वाले पानी के नमूने लिए गए थे। इसके अलावा आरओ वाटर प्लांट, होटल, रेस्तरां, ढाबों और स्कूल का पानी दूषित मिलने की रिपोर्ट पहले ही प्रशासन को दी जा चुकी है। इस पर सिर्फ नोटिस जारी किए गए। इसके बाद कोई एक्शन नहीं लिया गया।
दूषित पानी से ही मरे दो बच्चे
स्वास्थ्य विभाग ने स्वर्णजयंतीपुरम में डायरिया से दो बच्चों की मौत हो जाने की जो रिपोर्ट प्रशासन की दो ही, इसमें भी बीमारी फैलने की वजह दूषित पानी बताया गया है। यहां पानी में सीवर मिला था। इसके बाद सप्लाई बंद कराई गई। दो दिन से टैंकर से पानी दिया जा रहा है।
सात बच्चों समेत 18 भर्ती
सोमवार को जिला एमएमजी अस्पताल में डायरिया पीड़ित 212 मरीज पहुंचे। इनमें से 18 को भर्ती कराया गया है, इसमें सात बच्चे भी शामिल हैं। कैला भट्ठा के तीन बच्चों की हालत खराब है। जिन इलाकों में सीवर मिला पानी मिला है, वहीं से डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
दूषित पानी से लीवर को भी खतरा
अस्पताल के फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा का कहना है कि दूषित पानी और खाद्य पदार्थ के कारण लोग डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि अगर दूषित पानी की आपूर्ति होती है तो उसे अच्छी तरह से उबाल कर ठंडा कर लें, उसके बाद प्रयोग करें। अगर दूषित पानी का लंबे समय तक प्रयोग किया जाए तो शरीर का हर अंग प्रभावित हो सकता है। सबसे पहले इसका दुष्प्रभाव आंत और लीवर पर पड़ता है।
इन क्षेत्रों में हो रही है दूषित पानी की आपूर्ति
विवेकानंदनगर, विजयनगर, शांतिनगर, भूड़भारतनगर, घूकना, सिहानी, दीनागढ़ी, जगदीशनगर, पटेलनगर, बाल्मीकि कुंज, मानसी विहार, उदलनगर, सेवानगर, शिब्बनपुरा, नंदग्राम, पीले क्वार्टर, सेक्टर-23 संजयनगर, स्वर्णजयंतीपुरम, हरसांव, प्रतापविहार, महेंद्रा एंक्लेव।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों का विवरण
माह कुल नमूने पास फेल
जुलाई 40 20 20
जून 35 23 12
मई 64 50 14
अप्रैल 88 55 33
मार्च 86 59 27
फरवरी 37 34 3
जनवरी 13 11 21
कुल 363 251 112
एमएमजी अस्पताल में पांच दिन में इलाज के पहुंचे मरीज
तारीख कुल मरीज बुखार के मरीज डायरिया के मरीज
25 1813 269 212
24 1023 273 127
23 1749 243 176
22 1962 212 196
21 1384 143 133
20 2062 296 194
19 2062 225 187