फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी अमला पहुंचा स्वर्णजयंतीपुरम फिर भी मिला सीवर का पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी अमला पहुंचा स्वर्णजयंतीपुरम फिर भी मिला सीवर का पानी
विज्ञापन

गाजियाबाद। स्वर्णजयंतीपुरम के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में दूषित पानी पीने से दो बच्चों की मौत और लोगों के बीमार होने के बाद सरकारी अमला मौके पर पहुंचा, इसके बावजूद लोगों को सीवर का पानी ही मिल पाया। रविवार से जीडीए की टीम ने तालाब से पानी निकालना शुरू किया और नगर निगम ने कूड़ा और गंदगी उठाने के लिए टीम भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों का इलाज करने पहुंची।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि पानी का कनेक्शन लोगों ने खुले में कर रखा था, तालाब का पानी भरने से पीने वाली लाइन में चला गया। अभी तक पाइप लाइन की जांच में कहीं भी लीकेज नहीं मिला है। पूरी लाइन को बदलवाकर तब पानी की आपूर्ति शुरू कराई जाएगी। तब तक टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाएगी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि मौके पर भोजपुर, डासना और नगर क्षेत्र की टीम लगाई गई है। लोगों के स्वास्थ्य जांच के साथ ही क्लोरीन की गोली और बीमार लोगों को दवाइयां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि अब सभी लोगों के सेहत में सुधार है। संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि कॉलोनी में डायरिया फैलने का सबसे कारण है गंदगी और आसपास सुअर घूमते रहना। कई लोगों ने घर में ही सुअर पाल लिया है, वह पूरी कॉलोनी में घूमते रहते हैं। इसके अलावा कई महीने से गली, सड़क और आसपास गंदगी जमा है।
विज्ञापन

तालाब की गंदगी और दूषित पानी पीना मजबूरी
कॉलोनी में रहने वाली रजनी ने बताया कॉलोनी तीन ओर से तालाब से घिरी है। डेढ़ महीने पहले तालाब में एक मवेशी की मौत हो गई थी। वह अभी भी तालाब में सड़ रहा है। बारिश होने पर तालाब की दीवार टूट गई। दूषित और गंदा पानी कॉलोनी में भर गया। इसी गंदे पानी में बच्चे खेलते रहते थे। इसकी शिकायत जीडीए से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कई बार की शिकायत नहीं हुई कोई कार्रवाई
विनोद का कहना था कि कॉलोनी में रहने वाले अधिकांश लोग बीमार हैं। कुछ अस्पताल में भर्ती हैं और बाकी का घर पर ही उपचार चल रहा है। इस बारे में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब बच्चों की मौत के बाद सरकारी विभाग कॉलोनी में आए हैं।
विज्ञापन

तालाब का पानी सड़क पर बहता है
अरुण का कहना था कि कॉलोनी में केवल मुख्य सड़क ही पक्की है। अंदर की सड़कें कच्ची हैं। चार महीने से तालाब का पानी कॉलोनी में आ रहा था, लेकिन दीवार टूटने के बाद तो हालत बेहद खराब हो गए।
नहीं सुनते अधिकारी
मुकेश ने बताया कि समस्याएं दूर कराने को लेकर कई बार जीडीए में अर्जी लगाई गई थी, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। आज हर घर में लोग बीमार हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें