दुकानों का किराया 25 साल पहले से बढ़ाने के विरोध में उतरे पार्षद
गाजियाबाद। नगर निगम की 1702 दुकानों का किराया 25 साल पहले से हर साल 10 फीसदी की दर से बढ़ाए जाने का प्रस्ताव सदन में पास होने के बाद इसका विरोध होने लगा है। भाजपा के ही पार्षदों ने प्रस्ताव पास कराया और उन्हीं की पार्टी के पार्षद अनिल स्वामी ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि सदन ने दुकानों के अनुबंध की शर्तों को पढ़े बिना ही 25 साल पहले से किराए में बढ़ोतरी कर दी है। यह सरासर गलत हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी की वजह से वह मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे, लेकिन अगली बोर्ड बैठक में कार्यवृत्त की पुष्टि के दौरान इसका विरोध करेंगे। नियमों के विरुद्ध किराया बढ़ोतरी की शर्त को दुकानदारों पर थोपकर की गई गलती में सुधार कराएंगे। उनका कहना है कि किसी भी सूरत में 25 साल पहले का एरियर लेना गलत है। उनका कहना है कि नगर निगम अधिनियम की धारा-537 के तहत वह शासन को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को खारिज करने या संशोधन किए जाने की मांग करेंगे। इस पर भी संशोधन न हुआ तो वह निगम बोर्ड के इस गलत प्रस्ताव के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे। उनका कहना है कि नगर निगम में किराया बढ़ोतरी का संशोधित लिखित प्रस्ताव आना चाहिए था। मौखिक प्रस्ताव पेश कर बोली लगाने की तरह उसे पास कर दिया गया है।