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पैर से दर्द न जाए तो डॉक्टर नहीं जूता बदलिए

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पैर से दर्द न जाए तो डॉक्टर नहीं जूता बदलिए
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गाजियाबाद। अगर आपके कमर या एड़ी में दर्द की परेशानी बढ़ रही और इलाज के बावजूद आराम नहीं मिल रहा है। कई डॉक्टरों को दिखाया और दवा भी खाई लेकिन दर्द खत्म होने के बजाय बढ़ रहा है तो आपको डॉक्टर नहीं बल्कि जूते बदलने की जरूरत है। ऊंची हील और सख्त सोल वाले जूते व सैंडल दर्द का कारण बन रहे हैं। एमएमजी अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में 60 से 65 मरीज दर्द से परेशान होकर इलाज के लिए आते हैं। इनमें से 20 से 25 युवक और युवतियां ऐसे होते हैं, जिनकी जांच सामान्य होती है लेकिन दर्द से परेशान रहते हैं। ऐसे में उन्हें जूते और सैंडल बदलने की सलाह देते हैं। चिकित्सकों का दावा है कि 99 फीसदी मामलों में जूते बदलने की तरकीब से मरीजों को आराम मिला है।
एमएमजी अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट जौहर नकवी का कहना है कि शादी या किसी सार्वजनिक समारोह में युवा वर्ग में आधुनिक और भीड़ में अलग दिखने के लिए हाई हील और सख्त सोल वाले सैंडल और जूते पहनने का क्रेज बढ़ रहा है लेकिन यह शौक युवक और युवतियों के एड़ी, कमर व घुटने में न सिर्फ दर्द दे रहा है, बल्कि रात में सोते समय उनकी बेचैनी भी बढ़ जाती है। अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट आशीष मिश्रा का कहना है कि हमारे पैरों के तलवे पर दो लाख से ज्यादा तंत्रिकाएं होती हैं। यही तंत्रिका सेंसर की तरह सीधा दिमाग को सिग्नल देती हैं, जिससे हम बिना नीचे देखे सीधे चल पाते हैं। लगातार हील्स पहनने से तंत्रिका सेंसर को नुकसान पहुंचता है। कई बार संतुलन खोने से गिर जाते हैं। पैर में मोच का कारण भी बन जाती हैं।
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रक्त संचार हो जाता है प्रभावित
वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय पंवार का कहना है कि जितनी लंबी हील होती है, पैरों पर उतना ही दबाव पड़ता है। हील पहनने से पैर को टेढ़ी स्थिति में रखना पड़ता है जिससे पैरों की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। नाखूनों की बनावट भी बिगड़ जाती है। हील पहनने से पैर अपनी प्राकृतिक स्थिति से अधिक मुड़ जाते हैं। इससे पैर और आसपास के अंगों में रक्त संचार कम हो जाता है।
सैंडल बदलने से बिना दवाई दर्द हुआ बंद
एमएनसी कंपनी में काम करने वाली कृतिका ने बताया कि तीन साल से हाई हील की सैंडल पहनती थी, कमर, एंडी और पैर में लगातार दर्द रहने लगा था। डॉक्टर ने सैंडल बदलने के लिए कहा। सामान्य जूते या चप्पल पहनने से बिना इलाज के दर्द ठीक हो गया।
सख्त सोल वाले जूते बदलने पर मिल गया आराम
बीबीए के छात्र अंशुल ने बताया कि सख्त सोल वाले जूते पहनने पर फर्श पर चलने में अच्छा लगता था, लेकिन इससे कूल्हे और कमर में दर्द होने लगा था। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने जूते बदलवा दिये, अब कोई दिक्कत नहीं है।
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हाई हील से प्लांटर फैसीआइटिस बीमारी
फिजियोथेरेपिस्ट जौहर नकवी ने बताया कि हाई हील के जूते-सैंडिल पहनने वाली महिलाएं प्राय: प्लांटर फैसीआइटिस बीमारी का शिकार बन जाती हैं। इनमें कामकाजी महिलाओं की संख्या अधिक होती है। इस रोग में सुबह जागने पर एड़ी में तेज दर्द होता है, जो धीरे-धीरे कम हो जाता है। इसके अलावा रीढ़ की हड्डी और हिप्स को बाहर की ओर धकेलती है। स्पाइन पर असर पड़ने की वजह से पीठ दर्द लगातार बन जाता है। हील्स की वजह से घुटने के भीतर की ओर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे घुटने दर्द की परेशानी हो जाती है। पैरों के बोल्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे पैरों में दर्द की समस्या शुरू हो जाती है।
सुझाव
ऊंची एड़ी के सैंडल को पहनने से बचें। जूते खरीदते समय अपने अंगूठे को नाप लें और मोजे पहनकर भी नाप लें।
जूते खरीदते समय दोनों पैर के जूतों को नापें कभी कभी एक पैर दूसरे पैर से बड़ा होता है।
ऊंची हील के अपेक्षा ऐसे सैंडल को महिलाओं का उपयोग में लाना चाहिए, जिनकी ऊंचाई आगे और पीछे से बराबर हो।
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