अविवाहित महिलाओं ने भी किया बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन
गाजियाबाद। दत्तक ग्रहण एजेंसी बनने के आठ महीने के बाद पहली बार जिले से एक साथ 11 बच्चे गोद दिए जा रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद इन बच्चों को माता-पिता मिले हैं। इसमें सबसे छोटी पांच माह की बच्ची से लेकर साढ़े छह साल तक के बच्चे शामिल हैं। गोद लेने वालों में एक परिवार गाजियाबाद और एक परिवार नोएडा का है बाकी गुजरात, हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान के अभिभावक शामिल हैं। जून के अंत तक प्री-एडॉप्शन में बच्चों को उनके नए घर भेजा जाएगा।
सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) से रेफर होने के बाद 11 अभिभावकों को यहां से बच्चा दिया जाएगा। गोद देने के लिए सभी कागजी कार्रवाई पूरी हो गई है। सभी बच्चों का मेडिकल कराया जा रहा है। सभी अभिभावकों का होम सर्वे रिपोर्ट भी मिल गई है। यह सभी परिवार संपन्न और संयुक्त परिवार हैं। जल्द ही एडॉप्शन कमेटी की बैठक होगी और बच्चों को प्री-एडॉप्शन में अभिभावकों को सौंप दिया जाएगा। इस दौरान एडीएम कोर्ट में सुनवाई होगी और साथ में साई और कारा द्वारा इन परिवारों की निगरानी होती रहेगी।
पांच लड़के और छह लड़कियों को मिलेगा परिवार
11 बच्चों में से पांच लड़के हैं और छह लड़कियां हैं, जिनको गोद दिया जा रहा है। गाजियाबाद और नोएडा के दंपती ने बेटियां गोद ली हैं। जिनके कोई संतान नहीं थी, उन सभी ने बेटियों को ही प्राथमिकता दी थी और अपने फार्म में बेटी लेने की ही इच्छा जताई थी। जिनके यहां पहले से बेटियां थीं उन्होंने बेटों को लेने की इच्छा जताई थी। इंद्रपुरी में स्थित स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी का आश्रम है, जिसमें अभी तक 22 बच्चे शून्य से लेकर छह साल तक के हैं। बाकी बच्चे 11 बच्चों के फ्री फॉर एडॉप्शन का विज्ञापन दिया गया है। 60 से 90 दिन की समय अवधि पूरी होने के बाद इनको भी गोद दिया जाएगा।
आश्रम में छाई है उदासी
आश्रम में इन बच्चों को बड़े प्यार से पाला जाता है। आश्रम से एक साथ 11 बच्चों को जाने की सूचना के बाद उन बच्चों की देखभाल करने वाले में काफी उदासी है। इन बच्चों के साथ भावनात्मक लगाव हो जाने के कारण सभी काफी दुखी हैं। सेंटर मैनेजर कनिका गौतम ने बताया कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह करना जरूरी है।
मथुरा और रामपुर जाते थे इच्छुक लोग
कारा की वेबसाइट पर बच्चा गोद लेने के लिए जिले के अब तक 22 दंपती ने आवेदन किया था। यहां से अभी एक दंपती को बच्चा गोद मिला है। गाजियाबाद समेत मेरठ मंडल के अन्य जिलों के जो दंपती अभी तक बच्चा गोद लेना चाहते थे, उन्हें 150 से 200 किलोमीटर का लंबा सफर कर मथुरा और रामपुर जाना पड़ता था। इस दत्तक ग्रहण एजेंसी से गाजियाबाद के साथ ही बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ और मेरठ जिले के लोगों को भी राहत मिलेगी।
जल्द पूरी होगी प्रक्रिया
जिले से पहली बार 11 बच्चों को गोद दिया जा रहा है। उनको अपना परिवार मिल गया है इसकी काफी खुशी है। सभी प्रक्रिया नियमों को अनुसार पूरी की जा रही है। अन्य बच्चों को भी गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - विकास चंद्र, डीपीओ