ग्रीष्मकालीन अवकाश में टिकटों की दलाली, आरपीएफ ने कसा शिकंजा
गाजियाबाद। त्योहारी सीजन के बाद अब ग्रीष्मकालीन अवकाश के दिनों में यात्रियों को ट्रेनों का कंफर्म टिकट दिलाने के दलाल सक्रिय हो गए हैं। 300 से 400 रुपये कमीशन लेकर कंफर्म टिकट दिलाने का दावा किया जा रहा है। दलालों के इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए आरपीएफ ने टीमों का गठन किया है। यह टीमें मार्च में 21 दिनों में 15 दलालों को गिरफ्तार कर 258 टिकट बरामद कर चुकी हैं। अब 15 अप्रैल के बाद फिर से धरपकड़ शुरू की जाएगी।
दरअसल, कोरोना संक्रमण कम होने पर करीब दो साल बाद ट्रेनें फिर से पुरानी लय में लौटी हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है। होली पर ट्रेनों में आरक्षण के लिए जबरदस्त मारामारी थी। इसके चलते दलाल फिर सक्रिय हो गए थे। आरपीएफ के महानिदेशक संजय चंदर और सीनियर डीएससी अपूर्व अग्निहोत्री ने खासतौर से एनसीआर में अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गाजियाबाद और दिल्ली में आरपीएफ की टीमों ने छापामारी की थी। अब ग्रीष्मकालीन अवकाश के दिनों में अप्रैल से लेकर जून तक ट्रेनों में लंबी वेटिंग बन गई हैं। तत्काल कोटे में टिकट बेचने वाले दलाल सक्रिय हो जाएंगे। इनकी धरपकड़ के लिए आरपीएफ की टीम इनपुट जुटा रही हैं।
मार्च में गिरफ्तार हुए दलाल
अमित कुमार, सुनील वर्मा, कौशिक विश्वास, राहुल कुमार, मुकेश कुमार, मकसूद अंसारी, प्रभाकर आर्य, रितिक कुमार, राहुल भारती, अरविंद कुमार, राहुल वर्मा, हरि राजपूत, कृष्णपाल, सुभाष कुमार, अनुराग सिंह।
दलालों से बरामद सामान
3.65 लाख रुपये की कीमत के टिकट, सात लैपटॉप, सात सीपीयू, चार मोबाइल, सात प्रिंटर, मॉनीटर
अभियान से कसेंगे शिकंजा
जब भी ट्रेनों में टिकटों की बुकिंग ज्यादा रहती है, दलाल सक्रिय हो जाते हैं। यह दलाल घर पर ही कंप्यूटर लगाकर आईडी बनाते हैं और कंफर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर मनमानी रकम वसूलते हैं। अभियान के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। जल्द ही फिर से छापामारी शुरू की जाएगी।
- पीकेजीए नायडू, आरपीएफ प्रभारी