ईस्टर्न पेरिफेरल पर किसानों का कब्जा, फंसे वाहन
गाजियाबाद। तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर शनिवार को किसानों ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर कब्जा जमा लिया। डासना में एक्सप्रेसवे पर किसान तंबू और खाट डालकर बैठ गए हैं। सड़क के बीच में ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी हैं। दोनों तरफ का ट्रैफिक रोक दिया है। इससे वाहन चालक जाम में फंसे रहे। किसानों ने जाम में फंसे लोगों को जलपान कराया। आपात सेवा से जुड़े वाहनों को रास्ता दिया गया। पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर किसानों का कब्जा रविवार सुबह आठ बजे तक रहेगा।
किसान सुबह आठ बजे ईस्टर्न पेरिफेरल पर पहुंच गए थे। दोनों तरफ के ट्रैफिक को पूरी तरह से रोक दिया। हाईवे पर अपने वाहनों को खड़ा कर दिया। किसानों ने कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले और एमएसपी की गारंटी दे। केंद्र सरकार के मंत्री और बड़े नेता दूसरे प्रदेशों में घूम रहे हैं, लेकिन उनके दरवाजे पर बैठे किसान उन्हें दिखाई नहीं दे रहे। आंदोलन पहले भी हुए हैं, सरकारों ने किसानों की बात मानी है। यह सरकार किसानों से बात करना नहीं चाहती। जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन चलता रहेगा। किसान अपने हक के लिए लड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब गाजीपुर वार्डर पर आंदोलन में एक गांव के किसान 24 घंटे रहेंगे। किसानों ने अब आरपार की लड़ाई के लिए पूरा मन बना लिया है। किसानों ने कहा कि रविवार सुबह आठ बजे तक चक्का जाम रहेगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल पर लगा दिए तंबू
किसानों ने शनिवार को जैसे धूप बढ़नी शुरू हुई, वैसे ही ईस्टर्न पेरिफेरल पर वाहनों के सहारे से टेंट लगाने शुरू कर दिए। दोपहर तक तंबू लगा दिए, जिससे धूप से बचा जा सके और किसी भी किसान को दिक्कत न हो। तंबू के बाहर खाट डालकर किसान बैठे रहे। वहीं कुछ किसान लोगों के जलपान की व्यवस्था कराते रहे।
पुलिस ने ईस्टर्न पेरिफेरल पर नहीं जाने दिया
डासना और मसूरी से ईस्टर्न पेरिफेरल पर चढ़ने वाले रास्तों को बंद कर दिया। किसी भी बड़े वाहनों को हाईवे पर नहीं चढ़ने दिया। मजबूरी में छोटे वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्गों को चुना। वहीं किसानों ने कुछ लोगों के समस्या बताने पर छोटे वाहन चालकों को जाने दिया। बाकी सभी को वापस भेज दिया।
टोल से जाते रहे छोटे वाहन
दोपहर के बाद डासना टोल से छोटे वाहन पेरिफेरल पर जाते दिखे। उन वाहनों से टोल भी वसूला गया। पुलिसकर्मी भी कम दिखाई दिए। इसका फायदा भी लोगों ने उठाया। क्योंकि किसान फ्लाईओवर के ऊपर डटे हुए थे। इसलिए मुरादनगर की तरफ जाने वाले वाहन चालक डासना से निकलते रहे।
वर्जन...
किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर ईस्टर्न पेरिफेरल को 24 घंटे के लिए चक्का जाम किया जा रहा है। 130 दिन होने के बाद भी सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। सरकार के लोग असम, बंगाल, तमिलनाडु, केरल, हिमाचल में घूम रहे हैं। दरवाजे पर बैठे किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है।
राजवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू
सरकार किसानों की बात नहीं सुनती है। प्रजा को लाभ पहुंचाने के लिए कुछ लोग ही आंदोलन करते हैं और पूरा देश उनके साथ होता है। सरकार किसानों के दर्द को नहीं समझ पा रही है। इसका खामियाजा आने वाले समय में उन्हें भुगतना पड़ेगा। तीनों कानून पूंजीपतियों के लिए बनाए हैं।
जवाहर सिंह, किसान
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परेशान रहे ट्रक चालक
मुरादाबाद से सामान लेकर गाजियाबाद शहर के अंदर जाना था, लेकिन ट्रक को ईस्टर्न पेरिफेरल के पास रोक दिया गया है। सुबह 10 बजे से इंतजार कर रहे हैं। पता नहीं कब तक इंतजार करना पड़ेगा। इससे हमारा और ज्यादा नुकसान होगा।
नंदलाल यादव, ट्रक चालक
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सीतापुर से लकड़ी लेकर सांपला हरियाणा जा रहे हैं। सुबह 9 बजे से डासना ईस्टर्न पेरिफेरल के पास रोका हुआ है। लकड़ी सूखने से हमारा काफी नुकसान होगा। भाड़ा भी ज्यादा देना पड़ेगा। रविवार सुबह के बाद ही जाना हो पाएगा।
प्रदीप, ट्रक चालक