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शासन में फंसा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण

Tue, 02 Feb 2021 01:23 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण शासन की सहूलियतों के फेर में फंसा है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) ने शासन से अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) के साथ एचटी लाइन शिफ्टिंग में खर्च होने वाले फंड में राहत देने की शासन से मांग की है। डेढ़ साल से अधिक वक्त बीतने के बावजूद यूपीसीए की फाइल शासन के गलियारों में घूम रही है। अतिरिक्त एफएआर की शासन से मंजूरी के बाद ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का संशोधित नक्शा जीडीए में जमा हो सकेगा। यूपीसीए को शासन से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

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यूपीसीए ने अपने स्तर से भी शासन में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो और एचटी लाइन शिफ्टिंग में खर्च होने वाले बजट के मामले का जल्द हल निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण की समयसीमा दिसंबर 2021 से बढ़कर दिसंबर 2022 हो गई है। यूपीसीए ने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण की योजना पर 2015 में काम शुरू किया था। निर्माण के लिए जुलाई 2019 में लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम का भूमि पूजन (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) हुआ था, लेकिन अतिरिक्त एफएआर, एचटी लाइन शिफ्टिंग सहित अन्य मामलों पर में शासन स्तर पर निर्णय नहीं होने के कारण यूपीसीए ने स्टेडियम के निर्माण का संशोधित नक्शा तक जीडीए में जमा नहीं कर सका।

प्राधिकरण के नियमानुसार, निर्माण के लिए 0.50 एफएआर की अनुमति दे सकता है, जबकि यूपीसीए स्टेडियम के लिए 1.50 एफएआर की मांग कर रहा है। इसी को संशोधित नक्शा जमा होने में देरी का कारण माना जा रहा है। स्टेडियम के निर्माण में हाईटेंशन लाइन (एचटी) की शिफ्टिंग संबंधी रुकावट बनी है। स्टेडियम साइट से गुजरने वाली एचटी लाइन को शिफ्ट का प्रस्ताव शासन के पाले में है। एचटी लाइनों की शिफ्टिंग के लिए यूपी पावर कारपोरेशन से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) से 14 करोड़ से अधिक की मांग की है। यूपीसीए ने शासन में एचटी लाइन शिफ्टिंग का काम पावर कारपोरेशन से ही कराने की मांग की है। इस पर भी जल्द फैसला होने की संभावना है।
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75 हजार होगी स्टेडियम की दर्शक क्षमता
यूपीसीए की ओर से पूर्व में जीडीए में जमा किए नक्शे में कुल 33.54 एकड़ जमीन में से 22 एकड़ जमीन पर स्टेडियम का निर्माण की बात शामिल थी। बाकी 12 एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल, हॉस्टल सहित अन्य गतिविधियां होंगी। 12 एकड़ जमीन का भू-उपयोग कृषि व अन्य का है। ऐसे व्यावसायिक में परिवर्तित करने का मामला शासन में जा चुका है। बढ़े एफएआर के साथ भू-उपयोग परिवर्तन का मामला एक साथ निपटने की संभावना है। स्टेडियम के निर्माण पर 400 करोड़ खर्च होने है। पहले चरण में दर्शक क्षमता 45 हजार होगी। जिसे दूसरे चरण में बढ़ाकर 75 हजार करने की योजना है।

अतिरिक्त एफएआर और एचटी लाइन शिफ्टिंग के बाबत शासन में बातचीत जारी है। दोनों मुद्दों पर जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है। फिर जीडीए में संशोधित नक्शा जमा कर जल्द स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

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राकेश मिश्रा, स्टेडियम कंवीनर व जीसीए अध्यक्ष

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