अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार शर्मा ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने के लिए शव मेरठ रवाना हो गए। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
सीओ सिटी द्वितीय अवनीश कुमार ने बताया कि सुबह सिहानी गेट थाने में सूचना मिली थी कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-9 योगेश शर्मा ने घर में आत्महत्या कर ली है। परिजन उन्हें यशोदा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट करने वाले डाक्टरों ने बताया कि उनकी मौत गले में फंदा कसने के बाद दम घुटने से हुई है।
मेरठ के गढ़ रोड स्थित वैशाली कॉलोनी के रहने वाले योगेश कुमार शर्मा (46) वर्तमान में मॉडल टाउन स्थित जजेज रेजिडेंस में टावर नंबर-2 के फ्लैट नंबर 303 में पत्नी सुचिता शर्मा, बेटा मनु शर्मा व बेटी नंदनी के साथ रहते थे। शुक्रवार सुबह पत्नी मनु सोकर उठीं तो योगेश कमरे में नहीं थे, जबकि दोनों बच्चे सो रहे थे। मनु ने दूसरे कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह अंदर से बंद था। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले अन्य न्यायाधीश को बुलाया।
उन्होंने दरवाजा खोलने का प्रयास किया। गार्ड को बुलाकर गेट खोला गया तो योगेश शर्मा फंदे पर लटके हुए थे। उन्हें तत्काल उतारकर साथी जज अपनी गाड़ी से यशोदा अस्पताल ले गए। वहां पहुंचने पर अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर जिला जज नीरज निगम, जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय, एसएसपी कलानिधि नैथानी, काफी संख्या में जज, बार एसोसिएशन के सचिव मनमोहन शर्मा, पूर्व सचिव विजय गौड़ सहित काफी संख्या में अधिवक्ता भी यशोदा अस्पताल पहुंच गए।
परिजनों के पहुंचने पर शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन उनका पार्थिव शरीर लेकर मेरठ चले गए, वहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।