मूलरूप से हरपुर मुजफ्फरपुर बिहार निवासी जान अरशद आलम भूडगढ़ी रोड स्थित एक फूड फैक्टरी में काम करता था। यहां वह अपनी बहन समीना बेगम के घर रह रहा था। जान अरशद आलम के बहनोई रमजान अली भी इसी फैक्टरी में काम करते हैं। शुक्रवार शाम वह घर पर अकेला था जबकि उसकी बहन और बहनोई बाजार गए थे। जब वे वापस लौटे तो घर के दरवाजा बंद मिले। किसी तरह दरवाजे का कुंडा खोलकर वे घर के अंदर गए तो उन्हें जान अरशद का शव कमरे में लटका मिला।
बहन समानी बेगम ने बताया कि जान अरशद शाबरीन से प्यार करता था। वह बिहार में ही रहती थी। उनका कहना है कि शाबरीन के परिवार वाले इसके विरोध में थे। गुरुवार को उसके परिजनों ने उसकी हत्या कर दी। इसी जानकारी जान अरशद को हो गई थी। उन्होंने जान अरशद को समझाया था कि वह कोई गलत कदम न उठाए। समीना बेगम ने बताया कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इसी के गम में उसने भी जान दी है। एसीपी मसूरी निमिष पाटिल का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।