नितिन ने बताया, वह और पड़ोसी पहुंचे। दरवाजा नहीं खुला तो रोशनदान का शीशा तोड़कर अंदर घुसे। भैया और भाभी अचेत पड़े थे। हिलाने और चेहरे पर पानी डालने पर शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो उन्हें चिकित्सक के पास गाजियाबाद ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि दोनों की मौत हो चुकी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
डीसीपी ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यही लग रहा है कि गैस गीजर से बाथरूम में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इससे जहरीली गैस बनी। इसी गैस से दम घुटा। वहां हवा के आने जाने (वेंटीलेशन) के लिए कोई खिड़की नहीं थी। रोशनदान अवश्य था, लेकिन यह बंद था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। विसरा को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
दंपती की बेटी बेटी भवी (13) और बेटा शौर्य (11) का रो-रोकर बुरा हाल है। दंपती के शव अस्पताल से घर आए तो दोनों यही सवाल किए जा रहे थे, मम्मी-पापा को क्या हो गया। थोड़ी देर पहले तक तो सब ठीक था। दीपक गोयल की मां मिथलेश बेटे और बहू का शव देखकर बेहोश हो गईं।
परिवार के लोगों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि जो शख्स सवा घंटे पहले तक सबके साथ होली खेल रहे थे, वे अब उनके बीच नहीं नहीं रहे। दीपक गोयल ने कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद में केमिकल फैक्टरी खोली थी।
मेरठ में छात्रा और दुल्हन की गई थी जान
गैस गीजर की वजह से दम घुटने से यह पहला हादसा नहीं हुआ। पिछले डेढ़ महीने में ही आसपास के जिलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। मेरठ में 28 जनवरी को बाथरूम में नहाते समय गीजर गैस दुल्हन की मौत हो गई थी। मेरठ में ही आठवीं की छात्रा की जान गई। सहारनपुर में बाथरूम में नहाते समय गीजर गैस लीक होने से एक शिक्षक की मौत हो गई थी। आगरा में चार फरवरी को गैस गीजर फट जाने से मकान छह गया था। दंपती समेत तीन लोग घायल हुए थे। आगरा में चार साल पहले गैस गीजर की वजह से दम घुटने से मां और दो बेटियों की बाथरूम में मौत हो गई थी।