एकल और शिवा ने बताया कि कुलदीप और आयुष उर्फ नवाब इसके मास्टरमाइंड थे। कुलदीप जागृति विहार में ही रहता है। उसे पता था कि अजय वर्मा की दुकान में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी व गहने मिल जाएंगे। इसकेलिए उसने मनीष, आकाश, बादल और तीन अन्य को वारदात में शामिल करके वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। एसीपी नगर ने बताया कि फरार बदमाशों की तलाश की जा रही है।
दो बार पहले भी कर चुके हैं प्रयास
एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि ये पूर्व में भी दो बार अजय वर्मा को लूटने का प्रयास कर चुके हैं। 20 फरवरी को भी लूटने के लिए आए थे। लेकिन दुकान पर ज्यादा ग्राहकों के होने के कारण उन्हें मौका नहीं मिला। इससे पहले भी एक बार प्रयास कर चुके हैं।
लूटने के प्रयास के दौरान शिवा के हाथ में था तमंचा
21 फरवरी को लूटने का प्रयास करने के दौरान चार बदमाश सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए थे। इनमें से एक बदमाश के हाथ में तमंचा था जो पकड़ा गया शिवा है। इसके अलावा उसके साथियों पर भी तमंचा था। शिवा का काम सराफ को कब्जे में लेकर धमकाने का था बाकी को नकदी व गहने लूटने थे।