एफसीआई में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे 9.50 लाख
गाजियाबाद। पुजारी राम स्वरूप शर्मा के बेटे वेदप्रकाश की नौकरी साहिबाबाद एफसीआई में लगवाने का झांसा देकर शातिरों ने 9.50 लाख रुपये ठग लिए। वेदप्रकाश का दोस्त और उसके साथियों ने तीन माह तक पिता-पुत्र को झांसे में रखा। शातिरों ने दोनों को विश्वास में लेने के लिए पुलिस सत्यापन और मेडिकल परीक्षण भी कराया। इसके लिए उन्हें लखनऊ भी लेकर गए।
वेदप्रकाश ने बताया कि 2019 में उनके दोस्त अंकित और मदनपाल ने हरेंद्र सिरोही व पवन सिरोही से मिलवाया। उन्होंने साहिबाबाद मंडी में एफसीआई में नौकरी लगवाने की बात कही। कुछ दिनों में उन्होंने उनका पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया और एमएमजी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया। इन दोनों प्रक्रिया को कराने के नाम पर उन्होंने उनसे तीन लाख रुपये ले लिए। इसके बाद हरेंद्र सिरोही और पवन सिरोही उन्हें लखनऊ ले गए। वहां उन्होंने उनकी 255 रुपये की रसीद कटवाई जबकि 1200 रुपये लिए थे। ऐसा करके उन्होंने उनसे कई बार में रुपये लिए। कविनगर थाना प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि मामले में मदनपाल, अंकित, पवन सिरोही, हरेंद्र सिरोही और सुरजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
चुपचाप बैठ जा नहीं तो कर देंगे हत्या
काफी समय बीत जाने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो पुजारी और उनके बेटे ने उनसे रुपये वापस मांगे। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें धमकी दी और कहा कि चुपचाप बैठ जा नहीं तो हत्या कर देंगे और लाश का पता नहीं लगने देंगे। धमकी मिलने के बाद से परिवार दहशत में है।
स्थायी सदस्य का दिया फर्जी कार्ड
लखनऊ ले जाने के बाद शातिरों ने वेद प्रकाश को एसडब्ल्यूसी साहिबाबाद के स्थायी सदस्य का एक कार्ड थमा दिया। जिस पर मंत्री हस्ताक्षर भी किए गए थे। वेदप्रकाश ने बताया कि बाद में पता चला कि वह कार्ड फर्जी है। शातिरों ने उप मुख्य श्रमायुक्त केंद्रीय कानपुर की लगी मुहर के कुछ दस्तावेज भी वेदप्रकाश को भेजे और समाचार पत्रों में निकली भर्ती के समाचारों को आधार बनाकर विश्वास में लेकर ठगी की।