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लाल के लौटने की आस में मां रखेंगी अहोई का उपवास

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लाल के लौटने की आस में मां रखेंगी अहोई का उपवास
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गाजियाबाद। लापता बेटे के लौटने की आस में पांच माह गुजर गए लेकिन वह नहीं लौटा न पुलिस उसकी तलाश कर पाई। समय बीतते-बीतते अहोई अष्टमी का त्योहार आ गया अब उसकी लंबी उम्र के साथ उसके लौटने की आस में उपवास रखूंगी और अहोई माता से उसके जल्द मिलने की प्रार्थना करुंगी... यह बोलते हुए पांच माह से लापता भीमनगर के विशाल की मां पूनम देवी के आंखों में आंसू छलक पड़े। ऐसे ही इस साल लापता हुए 10 बेटों की मां अपने लाल के लौटने की आस में बैठी हैं।
केस:1
भीमनगर का रहने वाला विशाल (20) पांच माह पहले 25 मई को लापता हुआ था। विशाल के पिता हरवीर ने बताया कि वह किराने की दुकान करता था। 25 मई की दोपहर 15 मिनट में वापस लौटने की बात कहकर दुकान से गया था लेकिन आज तक वापस नहीं लौटा। लखनऊ में उसका फोन ट्रेस हुआ वहां जाकर पता चला उसने मोबाइल किसी दुकानदार को बेच दिया है। अब यह नहीं पता कि उनके विशाल ने बेचा या किसी और ने। विशाल की मां पूनम ने कहा कि वह अहोई माता से उसके सलामत होने और जल्द वापस लौटाने की प्रार्थना करेंगी।
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केस-2
खोड़ा कॉलोनी के कला एंक्लेव का रहने वाला अरुण (16) 11वीं कक्षा में पढ़ता था। 28 अगस्त को वह गली में अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था लेकिन घर वापस नहीं लौटा। अरुण के पिता चंद्रपाल सिंह ने बताया कि अरुण उनका छोटा बेटा है। जब से वह लापता हुआ है परिवार में मायूसी सी आ गई है। रोजाना वह उसके लौटने का इंतजार करते हैं। अरुण की मां बृजेश देवी दरवाजे पर टकटकी लगाए रहती है कि उसका लाल लौटेगा। बृजेश देवी 15 साल से उसकी लंबी उम्र के लिए अहोई अष्टमी का उपवास रख रही हैं। इस साल भी वह उपवास रखकर उसके जल्द मिलने की प्रार्थना करेंगी।
2022 में लापता हुए बच्चे
कुल बच्चे- 66
बरामद हुए- 15
अभी भी लापता- 51
सितंबर में 13 बच्चे लापता हुए
सितंबर में एक बच्चा बरामद हुआ
तलाश में लगी हैं टीमें
एसएसपी मुनिराज ने बताया कि लापता बच्चों की तलाश के लिए टीमें लगी हैं। जल्द उन्हें बरामद कर उनके परिवार से मिलवाया जाएगा।
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