फुटेज का हवाला देकर पहले लूट की धारा हटाई
गाजियाबाद। जांच के दौरान विवेचक ने पहले फुटेज का हवाला देकर लूट की धारा हटा दी लेकिन आठ दिन बाद ही विवेचक ने वादी से एक एप्लीकेशन लेकर नामजद आरोपियों पर लूट की धारा बढ़ा दी। मामले में आरोपी पक्ष ने पुलिस अधिकारी से शिकायत की तो पुलिस अधिकारियों ने मामले में विवेचक की फटकार लगाकर पारदर्शिता से जांच के निर्देश दिए हैं।
राजनगर एक्सटेंशन की राजनगर रेजीडेंसी निवासी राहुल शर्मा ने सोसायटी निवासी सौरभ यादव, आकाश यादव, डबल यादव, अभिस्त गोयल अन्य के खिलाफ 22 मई को लूट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। नामजद सभी बीए और इंटर के छात्र हैं। आरोपी पक्ष की ओर से सौरभ के पिता का आरोप है कि विवेचक सचिन तोमर ने मामले की जांच में पहले तो फुटेज के आधार पर लूट की धारा हटा दी थी। 25 मई को पुलिस ने मारपीट, बलवा करने की धारा में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। आरोप है कि 30 मई को विवेचक ने राहुल शर्मा से एक एप्लीकेशन और सोने की चेन का बिल लेकर उसके हवाला से छात्रों पर फिर से लूट की धारा बढ़ा दी। सौरभ के पिता का कहना है कि राहुल शर्मा ने राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटी निवासी पवन पांडे और सुमित के कहने पर तहरीर दी। दरोगा ने खेल करके हटाई गई धारा को फिर से लगा दिया। मंगलवार को सौरभ के पिता ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने विवेचक को बुलाया। प्राथमिक जांच में धाराओं में फेरबदल करने का मामला सामने आया। पुलिस अधिकारी ने विवेचक से पारदर्शिता से जांच के निर्देशित किया है।
विवेचक ने लूट की धारा हटाकर वारंट भी लिए
सौरभ की पिता का आरोप है कि विवेचक ने जब दूसरी बार लूट की धारा लगाई थी तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। विवेचक ने दूसरी बार धारा लगाने केे बाद वारंट भी ले लिए। इसकी जानकारी उन्हें उनके एक परिचित अधिवक्ता से हुई। मामले में उन्होंने अपने बेटे और अन्य सभी नामजद को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
पूरे मामले की जांच कराई जाएगी
एसएसपी मुनिराज ने बताया कि विवेचक ने पहले धारा क्यों हटाई और बाद में क्यों लगाई। मामले में पवन पांडे और सुमित की क्या भूमिका है। इन सभी की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।