कारोबारी अजय कुमार चौरसिया का कहना है कि उनका दिल्ली में कार्यालय था। उसी बिल्डिंग में सोवन संजीव प्रधान का भी कार्यालय था। वहीं से उनकी पहचान सोवन संजीव से हुई। सोवन संजीव ने उन्हें अपना फोरेक्स ट्रेडिंग का काम बताया, जिसमें निवेश के बाद छह माह में रकम दोगुनी कराने का दावा किया।
दिल्ली के प्रीतम विहार निवासी रियल एस्टेट कारोबारी से छह माह में दोगुना रकम करने का झांसा देकर निवेश के नाम पर 78.15 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। कारोबारी ने मामले में सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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आरोप है कि उनके परिचित ने उन्हें निवेश करके अच्छा मुनाफा होने का झांसा दिया तो उन्हें खुद व अपने परिचितों से निवेश करा दिया। बाद में आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। आरोपियों ने 2016 से 2022 तक उन्हें कई बार अलग-अलग तरीके से विश्वास में लेकर उनके साथ धोखाधड़ी की।
कारोबारी अजय कुमार चौरसिया का कहना है कि उनका दिल्ली में कार्यालय था। उसी बिल्डिंग में सोवन संजीव प्रधान का भी कार्यालय था। वहीं से उनकी पहचान सोवन संजीव से हुई। सोवन संजीव ने उन्हें अपना फोरेक्स ट्रेडिंग का काम बताया, जिसमें निवेश के बाद छह माह में रकम दोगुनी कराने का दावा किया। उनका कहना है कि खुद के 26 लाख रुपये और परिचितों के 35 लाख रुपये निवेश करा दिए। सोवन संजीव ने उनकी पहचान लोकेश, अमन, अनिल शेखावत और अन्य लोगों से कराई।
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उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद सोवन संजीव अपना कार्यालय खाली करके चला गया। आरोप है कि 2016 में जब उनकी मुलाकात लोकेश से हुई तो उसने भी उनसे नई स्कीम बताकर तीन माह में अच्छा मुनाफा कराने का झांसा दिया। पिछली रकम निकलने के झांसे में आकर उन्होंने अपने और परिचितों के 15 लाख रुपये और निवेश कर दिए। आरोपियों ने उनके साथ धोखाधड़ी की और आईडी में कुछ रकम दिखाकर विश्वास बनाए रखा लेकिन वह भी रुपये उन्हें नहीं मिले।
आरोप है कि उन्होंने उनसे रुपये मांगे तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। कुछ समय बाद उन्होंने फिर से दुबई की कंपनी बताकर 2.15 लाख रुपये निवेश करा लिए। ऐसा करके शातिरों ने उनसे 78.15 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में उन्होंने लोकेश कुमारए सोवन संजीव प्रधानए अमन गिलए अनिल शेखावतए धीरेंद्र वर्मा और संदीप गर्ग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।