400 करोड़ के ऋण घोटाले के मास्टरमाइंड लक्ष्य तंवर के खिलाफ तो पुलिस के पास सुबूतों की लंबी फेहरिस्त पहले से है। अब उसका साथ देने वाले बैंक अफसरों पर भी सुबूतों का शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने सात ऐसे साक्ष्य जुटाए हैं जो इस केस की सुनवाई में बेहद अहम साबित हो सकते हैं। इनमें फोरेंसिक जांच रिपोर्ट भी शामिल है। पुलिस की कोशिश जल्द ही और मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की है। अब तक दर्ज 45 केस में से 15 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इनमें बैंक अफसरों सहित 22 आरोपी हैं।
पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि लक्ष्य ने घोटाले का ताना-बाना बुना। बैंक के अफसरों ने इसमें उसका भरपूर सहयोग किया। इसी के साक्ष्य कोर्ट के सामने रखे गए हैं। मुख्य आरोपी लक्ष्य तंवर, पिता अशोक कुमार, बैंक अधिकारी प्रियदर्शनी, रामनाथ मिश्रा, उत्कर्ष कुमार और लक्ष्य के अन्य साथी वरुण त्यागी, शिवम, सुनील अरोड़ा, नरेश बग्गा, तुषार गोयल और सुमित को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक अधिकारी तारिक हुसैन और संजय अभी फरार हैं। पांच आरोपी दक्ष बग्गा, विशेष बहल, सूरज कालरा, राजरानी कालरा और सुनील कुमार पर पुलिस ने 15-15 हजार का इनाम घोषित किया था। इनमें से पुलिस हाल में सुनील को गिरफ्तार कर चुकी है। चार इनामी फरार चल रहे हैं।
ऐसे किया घोटाला
लक्ष्य अच्छे दाम पर बिकवाने के नाम पर लोगों से जमीन के कागजात लेता था। इनकी फोटोकॉपी करा लेता था। फिर मूल कागजात ग्राहक न मिलने की बात कहकर लौटा देता था। फोटोकॉपी पर बैंक से ऋण ले लेता था। बैंक अफसरों से सांठगांठ था, इसलिए वे कोई पड़ताल नहीं कराते थे। उसने ऋण लेने के लिए 257 फर्जी कंपनियां बनाई और उनके नाम से खाते खुलवाए। जिन लोगों के कागजात की फोटोकॉपी लेता था, उनके नाम से ऋण के लिए आवेदन करता। ऋण की रकम फर्जी कंपनियों के खाते में जाती थी। इसे वह हड़प लेता था। गारंटर भी फर्जी होते थे। बैंक अफसर सबकुछ जानकर भी अनजान बने रहते थे।
संपत्ति की होगी कुर्की
पुलिस गिरफ्तार हो चुके और फरार चल रहे बैंक अफसरों की संपत्ति की तलाश में जुटी है। बैंक अफसर बिहार के रहने वाले हैं। सभी की संपत्ति को चिन्हित कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घोटाले की रकम से खरीदी गई संपत्ति को कुर्क किया जाएगा।
लक्ष्य तंवर और बैंक अफसरों के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले हैं। इनके आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई है। जल्द ही अन्य मामलों की जांच पूरी की जाएगी। मजबूत पैरवी करके आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी। - निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी