खोड़ा में एक युवती को भगाने के मामले में नाम शामिल होने और पुलिस कार्रवाई से उसका नाम हटवाने के एवज में दलाल ने लक्ष्मण तिवारी से 10 हजार रुपये मांगे। दलाल के लगातार तंग करने पर लक्ष्मण बुधवार दोपहर अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ कचहरी पहुंचा और खुद पर तारपिन का तेल उडे़लकर आत्मदाह की कोशिश की। आसपास के लोगों ने उससे माचिस छीनी और पुलिस को सूचना दी।
मूलरूप से बिहार निवासी लक्ष्मण तिवारी खोड़ा में अपने परिवार के साथ रहता है। लक्ष्मण रंगाई पुताई का काम करता है। लक्ष्मण ने बताया कि पांच साल पहले एक महिला ने उनसे एक मामले में गवाही देने के लिए कहा था। इनकार करने पर महिला ने खोड़ा में उन पर छेड़छाड़ का झूठा केस दर्ज करा दिया। आरोप है कि पुलिस ने बिना जांच किए उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद वह पांच साल से कचहरी में तारीख पर आ रहा है। कचहरी में भी हर तारीख पर उससे दो सौ रुपये लेकर वापस भेज दिया जाता है। इससे उस पर काफी कर्जा हो गया है।
कुछ दिन पहले उसके मकान में किराये पर रहने वाला एक युवक पड़ोस में रहने वाली एक युवती को भगाकर ले गया। आसपास के लोगों ने इस मामले में उनका नाम भी आने की बात कही। इसी बीच एक व्यक्ति (दलाल) ने उससे पुलिस से पीछा छुड़वाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे और रुपये देने का दबाव बनाने लगा। वह खुद को एक पार्टी का नेता बता रहा था।
उसने बताया कि इससे परेशान होकर आत्मदाह करने का कदम उठाया। कार्यवाहक एसपी सिटी प्रथम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि युवती को भगाने के मामले में लक्ष्मण तिवारी या उसके परिवार की कोई भूमिका नहीं है। जिस किसी व्यक्ति ने मामले में नाम आने का डर दिखाकर रकम मांगी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।