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200 करोड़ का ऋण: होटल मालिक से 13.85 लाख हड़पे, डाकघर में नौकरी लगवाने के नाम पर 1.5 लाख ठगे

Thu, 11 Aug 2022 01:48 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

एक निजी होटल के मालिक से उनके परिचित ने ऋण दिलाने के नाम पर ठगी की है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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संजय नगर सेक्टर 23 के एक निजी होटल के मालिक राहुल अग्रवाल से उनके परिचित सीए भरत मित्तल ने 200 करोड़ रुपये का ऋण दिलाने के नाम पर 13.85 लाख रुपये हड़प लिए। आरोप है कि उसने बैंक अधिकारियों से अच्छी जान पहचान होने का झांसा दिया। अब उसने न तो ऋण दिलाया और न ही उनके रुपये वापस किए। उन्होंने मामले की शिकायत एसएसपी से की तो मधुबन बापूधाम थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है।

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राहुल अग्रवाल ने बताया कि 2021 में उनकी मुलाकात नोएडा सेक्टर 40 के रहने वाले सीए भरत मित्तल से हुई। वह कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक से ऋण लेने का प्रयास कर रहे थे तो उनके परिचित भरत मित्तल ने ऋण दिलाने की बात कही। भरत लगातार जल्द ऋण दिलाने की बात कहता रहा। काफी समय बीत जाने के बाद जब उन्हें ऋण नहीं मिला तो उन्होंने भरत से रुपये वापस मांगे। इस पर वह टाल-मटोल करता रहा लेकिन उसने उनके रुपये नहीं लौटाए। मधुबन बापूधाम थाना प्रभारी मुनेश कुमार ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डाकघर में नौकरी लगवाने के नाम पर 1.5 लाख ठगे
संजय नगर सेक्टर-23 निवासी राजेंद्र कुमार गौतम से उनके पड़ोसी विकास त्यागी ने डाक घर में नौकरी लगवाने के नाम पर 1.5 लाख रुपये ठग लिए। विकास ने अपने साथी हिमांशु से मिलकर राजेंद्र को नौकरी का नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड भी दिला दिया। दिल्ली प्रशिक्षण के लिए जाने पर उन्हें धोखाधड़ी होने का पता चला तो उन्होंने विकास और हिमांशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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राजेंद्र कुमार गौतम का कहना है कि 2019 में उनकी मुलाकात विकास त्यागी से हुई जो उनके पड़ोस में रहता है। विकास ने सरकारी विभागों में अपनी अच्छी जान पहचान होने की बात कहकर डाक घर में क्लर्क के पद पर उनकी नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए उसने 2.5 लाख रुपये मांगे। इसके बाद उन्होंने विकास को डेढ़ लाख रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद विकास ने अपने साथी हिमांशु शर्मा से मिलवाया। हिमांशु ने उन्हें नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड दे दिया और दिल्ली में कश्मीरी गेट जीपीओ जाने के लिए कहा, जहां 10 दिन का प्रशिक्षण लेने की बात कही। वहां जाने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने विकास से पूछा तो आरोपी ने कुछ गड़बड़ी होने की बात कहकर एक लाख रुपये लौटा दिए लेकिन बाकी की रकम नहीं लौटाई।

फ्लैट की बुकिंग कर हड़पे 3.25 लाख रुपये
विजय नगर के सर्वोदय नगर निवासी ओमकार सिंह ने अंसल लैंडमार्ग टाउनशिप के अधिकारियों पर फ्लैट की बुकिंग करने और तय समय में फ्लैट पर कब्जा न देने का आरोप लगाया है। ओमकार ने 2011 में प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक किया। इसके लिए उन्होंने 3.25 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। ओमकार ने विजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। ओमकार का कहना है कि आठ साल बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया। उनका कहना है कि बिल्डर ने आठ फीसदी ब्याज से रुपये लौटाने की भी बात की थी लेकिन कई बार कहने के बाद भी वह टाल मटोल करता रहा।

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