गाजियाबाद में 400 करोड़ रुपये से अधिक के लोन घोटाले के मुख्य आरोपी लक्ष्य तंवर के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले में एक व्यक्ति को एक जगह पर मकान दिखाकर दूसरी जगह का मकान बेचने का आरोप है। इतना ही नही लक्ष्य तंवर ने बेचे गए मकान पर 75 लाख रुपये का लोन भी करा दिया। पीड़ित को जब मामले की जानकारी हुई तो किस्त चुकाने का वाद किया गया, जो पूरा नहीं किया।
इंदिरापुरम के अभय खंड निवासी हरेंद्र ने 2017 में मकान खरीदने के लिए लक्ष्य तंवर से संपर्क किया था। आरोप है कि लक्ष्य ने उन्हें नेहरू नगर स्थित एक मकान दिखाया। 97 लाख रुपये में मकान की डील पक्की हुई। पेशगी के तौर पर एक लाख रुपये नकद व 21 लाख रुपये बाद में चेक के माध्यम से दिए गए। रजिस्ट्री के बाद जब हरेंद्र ने कब्जा मांगा तो लक्ष्य तंवर को जानने वाला सिद्धार्थ उन्हें तुराबनगर स्थित मकान पर ले गया।
शिकायत के अनुसार, दूसरा मकान देखकर हरेंद्र ने सौदा रद्द करते हुए पैसे वापस करने के लिए कहा। लक्ष्य तंवर ने नकद दिए एक लाख रुपये तो वापस कर दिए लेकिन लोन की किस्त जमा नहीं की। साथ ही रजिस्ट्री में लगे सात लाख रुपये भी वापस नहीं किए। लोन कराए गए 75 लाख रुपये की किस्त आज भी उनके नाम पर चल रही है।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्य तंवर, लोन मैनेजेर शैलेंद्र कुमार, पीएनबी के एजीएम रामनाथ मिश्रा, विनीता छाबड़ा व सिद्धार्थ खन्ना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है।